हिमाचल में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा: आयोग अध्यक्ष ने पीडीएस में निम्न गुणवत्ता और संक्रमित गेहूं की आपूर्ति रोकने के दिए सख्त निर्देश

हिमाचल में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा: आयोग अध्यक्ष ने पीडीएस में निम्न गुणवत्ता और संक्रमित गेहूं की आपूर्ति रोकने के दिए सख्त निर्देश

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किए जाने वाले गेहूं और गेहूं के आटे की गुणवत्ता को लेकर राज्य खाद्य आयोग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। आयोग के अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि यदि गेहूं में निम्न गुणवत्ता या संक्रमण पाया जाता है, तो उसे सीधे तौर पर अस्वीकार कर दिया जाएगा।

गुणवत्ता नियंत्रण पर जोर

राज्य खाद्य आयोग की बैठक में यह फैसला लिया गया कि गेहूं और गेहूं के आटे की खरीद, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, फोर्टिफिकेशन और वितरण के हर चरण में गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पीडीएस के माध्यम से वितरित होने वाले गेहूं और आटे की गुणवत्ता में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

आयोग ने यह भी निर्णय लिया कि गेहूं की खरीद के समय ही इसकी गुणवत्ता जांच की जाएगी और यदि गेहूं में संक्रमण या निम्न गुणवत्ता पाई जाती है, तो उसे अस्वीकार कर दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रसंस्करण और पैकेजिंग के दौरान भी गुणवत्ता नियंत्रण के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।

फोर्टिफिकेशन पर जोर

आयोग ने गेहूं और गेहूं के आटे के फोर्टिफिकेशन पर भी जोर दिया है। फोर्टिफिकेशन के माध्यम से गेहूं और आटे में विभिन्न पोषक तत्व जोड़े जाते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। आयोग ने कहा कि फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाया जाएगा ताकि लोगों को पोषक तत्वों से भरपूर गेहूं और आटा मिल सके।

वितरण प्रणाली में सुधार

आयोग ने पीडीएस के तहत गेहूं और गेहूं के आटे के वितरण प्रणाली में सुधार के लिए भी कई निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि वितरण प्रणाली को और भी पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, आयोग ने यह भी कहा कि लोगों को उनके हक का अनाज मिलने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।

इस पूरे मामले में आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को उच्च गुणवत्ता वाला अनाज मिले और इसके लिए आयोग हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग निरंतर इस मामले पर नजर रखेगा और आवश्यक कदम उठाने में नहीं हिचकिचाएगा।

English Summary:
The Himachal Pradesh State Food Commission has taken a stern stance on the quality of wheat and wheat flour distributed under the Public Distribution System (PDS). The commission has ordered that any wheat or wheat flour found to be of low quality or contaminated should be rejected outright. The commission has also emphasized the need for strict quality control at every stage of procurement, processing, packaging, fortification, and distribution of wheat and wheat flour.

Leave a Reply