मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 1321 आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों को जून माह का वेतन नहीं मिला है। साथ ही, नियोक्ता एजेंसी हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HPSEDC) ने सात माह का EPF अंशदान भी शिक्षकों के खातों में जमा नहीं किया है। हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ ने इस देरी पर गहरी नाराजगी जताई है।
वेतन और EPF में देरी का विवरण
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को हर माह की सात तारीख तक वेतन देने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद HPSEDC के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। जून का वेतन अब तक जारी नहीं हुआ, जबकि EPF का बकाया सात महीने से अधिक हो चुका है। इससे शिक्षकों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षक संघ की मांगें
हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने कहा कि जून का लंबित वेतन शीघ्र जारी किया जाए और EPF का बकाया अंशदान तुरंत शिक्षकों के खातों में जमा कराया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।
प्रभाव और आगे की राह
इस देरी से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा प्रभावित हो सकती है। शिक्षकों का मनोबल गिरा है और वे वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि वह नियोक्ता एजेंसी को निर्देश दे कि भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
FAQ
- हिमाचल प्रदेश में कितने आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षक प्रभावित हैं? राज्य भर में 1321 आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों का जून माह का वेतन लंबित है।
- शिक्षकों का EPF अंशदान कितने महीने से लंबित है? करीब सात माह का EPF अंशदान नियोक्ता एजेंसी द्वारा जमा नहीं किया गया है।
- शिक्षक संघ ने किससे हस्तक्षेप की मांग की है? हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।