News / Updates | Health

Himachal: Alcohol Addiction Among Himachalians Highest, National Family Health Survey Reveals

यहां 50.5 प्रतिशत पुरुषों ने शराब सेवन की बात स्वीकार की है। इसके बाद तेलंगाना में 43.9 प्रतिशत और सिक्किम में 42.2 प्रतिशत पुरुष…

यहां 50.5 प्रतिशत पुरुषों ने शराब सेवन की बात स्वीकार की है। इसके बाद तेलंगाना में 43.9 प्रतिशत और सिक्किम में 42.2 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं। हिमाचल प्रदेश का आंकड़ा इन राज्यों से कम होने के बावजूद उत्तर भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अधिक है।रिपोर्ट के अनुसार पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में 27.2 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं।

पंजाब में यह आंकड़ा 22.9 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 21.6 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

मुख्य विवरण

हरियाणा में 17.5 प्रतिशत, दिल्ली में 16.1 प्रतिशत, लद्दाख में 18.4 प्रतिशत, राजस्थान में 10.7 प्रतिशत और जम्मू-कश्मीर में सिर्फ 7.3 प्रतिशत पुरुषों ने शराब सेवन की बात कही है।एनएफएचएस 6 के तहत हिमाचल प्रदेश के 10,437 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया। इसमें 10,271 महिलाओं और 1,469 पुरुषों से स्वास्थ्य एवं जीवनशैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई। सर्वे के मुताबिक प्रदेश में शराब सेवन का दायरा अभी भी व्यापक है और यह राष्ट्रीय औसत की तुलना में अधिक बना हुआ है।रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शराब का अत्यधिक सेवन यकृत, हृदय और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य सामाजिक समस्याओं से भी इसका सीधा संबंध माना जाता है।

पृष्ठभूमि और प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ती शराब की प्रवृत्ति को लेकर जागरूकता अभियान और नशा मुक्ति कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की जरूरत बताई है।सर्वे के अनुसार तंबाकू सेवन के मामले में भी हिमाचल आगे हैं। यहां 28.9 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 29.5 और शहरों में 24.6 प्रतिशत लोगों ने तंबाकू को किसी ना किसी प्रकार से प्रयोग में लाने की बात स्वीकारी है।राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण ने हिमाचल प्रदेश की सामाजिक और स्वास्थ्य स्थिति की नई तस्वीर पेश की है।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 38.2 प्रतिशत महिलाएं और 31.4 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में आ चुके हैं।

2019 की तुलना में महिलाओं में यह आंकड़ा 30.4 प्रतिशत से बढ़कर 38.2 प्रतिशत हो गया है।विशेषज्ञ इसे बदलती जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों में कमी का परिणाम मान रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 20.6 प्रतिशत महिलाओं और 20 प्रतिशत पुरुषों में रक्त शर्करा का स्तर अधिक पाया गया या वे मधुमेह नियंत्रित करने की दवा ले रहे हैं। इसी तरह उच्च रक्तचाप से प्रभावित महिलाओं का प्रतिशत 24.1 और पुरुषों का 31.7 दर्ज किया गया है।पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में अवरुद्ध वृद्धि (स्टंटिंग) का स्तर 30.8 प्रतिशत से घटकर 20.6 प्रतिशत पर आ गया है।

कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत भी 25.5 से घटकर 16.8 हुआ है।

हालांकि यह आंकड़े अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं।प्रदेश में 94.3 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं ने प्रसव पूर्व जांच करवाई, जबकि 83.2 प्रतिशत महिलाओं ने कम से कम चार एंटीनेटल जांचें कराईं। संस्थागत प्रसव 91.7 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं और 92.4 प्रतिशत प्रसव कुशल स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में हुए।

Follow us on Google News

Explore more

Mandi: दिव्यांग बच्चों को वितरित किए पांच लाख रुपये के सहायक उपकरण

मुख्य तथ्य समग्र शिक्षा मंडी ने जिले के चार प्राथमिक शिक्षा खंडों के दिव्यांग बच्चों को पांच लाख रुपये मूल्य के सहायक…

More on News / Updates from Himachal Pradesh

Mandi Police Seek Society’s Help to Dismantle Drug Mafia Network

Key Facts Mandi Police have identified 24 panchayats in the district as red alert zones for chitta (heroin) abuse. A drug eradication…

Mandi News: सीपीवीसी पाइप फिटिंग का बढ़ा रुझान, सस्ती और टिकाऊ

मंडी में सीपीवीसी पाइप फिटिंग का बढ़ता चलन हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में घरों में पानी की फिटिंग के लिए लोग…

Mandi News: भक्तों ने बनाया आस्था का मंदिर, 15 लाख की लागत से हुआ निर्माण

Key Facts In Janjhehli, Mandi district, the newly constructed Mata Gada Durga temple was consecrated with great fervor. Built entirely through public…