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गर्मी की लहरों में ओजोन प्रदूषण से 2024 में भारत में 26,500 मौतें: अध्ययन

मुख्य तथ्य 2024 की गर्मी की लहरों के दौरान भारत में ओजोन प्रदूषण के कारण लगभग 26,500 मौतें हुईं, जिनमें से 490 हृदय रोग (ischaemic heart disease) और 342 क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से…

मुख्य तथ्य

2024 की गर्मी की लहरों के दौरान भारत में ओजोन प्रदूषण के कारण लगभग 26,500 मौतें हुईं, जिनमें से 490 हृदय रोग (ischaemic heart disease) और 342 क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से संबंधित थीं। यह अध्ययन Nature पोर्टफोलियो जर्नल में 12 जून को प्रकाशित हुआ।

विस्तार से

सतही ओजोन एक खतरनाक प्रदूषक है जो हृदय और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। अध्ययन के अनुसार, उत्तरी भारत में गर्मी की लहरों के दौरान ओजोन का स्तर 85-110 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (μg/m³) तक पहुंच जाता है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 70 μg/m³ के सुरक्षित मानक से अधिक है। गर्मी की लहर समाप्त होने के 3-4 दिनों के भीतर यह स्तर वापस सामान्य हो जाता है।

शोधकर्ताओं ने दो दशकों (2004-2024) के तापमान डेटा, उपग्रह जानकारी और वैश्विक मौसम डेटासेट का उपयोग किया। उन्होंने 188 गर्मी की लहरों की घटनाओं की पहचान की, जिनमें 2010, 2016, 2019 और 2024 सबसे गंभीर वर्ष थे। पश्चिमी हिमालय में ओजोन स्तर में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024 में WHO मानक से 115% अधिक था।

प्रभाव और चिंताएं

अध्ययन के लेखकों के अनुसार, “गर्मी और ओजोन के संयुक्त चरम घटनाएं तीव्र हो रही हैं, जिसके लिए तत्काल एकीकृत जलवायु-वायु गुणवत्ता नीति कार्रवाई की आवश्यकता है।” यह अध्ययन 16वें वित्त आयोग की नवंबर 2025 की सिफारिश के बाद आया है, जिसमें गर्मी की लहरों और बिजली को राष्ट्रीय आपदाओं की सूची में शामिल करने का सुझाव दिया गया था, ताकि राज्य राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से राहत प्राप्त कर सकें।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

  • गर्मी की लहरों के दौरान ओजोन प्रदूषण से बचने के लिए घर के अंदर रहें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
  • हृदय और फेफड़ों की बीमारियों वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
  • सरकार को वायु गुणवत्ता निगरानी और नियंत्रण उपायों को मजबूत करना चाहिए।

FAQ

2024 की गर्मी की लहरों में ओजोन प्रदूषण से कितनी मौतें हुईं?

अध्ययन के अनुसार, 2024 की गर्मी की लहरों के दौरान ओजोन प्रदूषण के कारण लगभग 26,500 मौतें हुईं, जिनमें से 490 हृदय रोग और 342 COPD से संबंधित थीं।

भारत में ओजोन का स्तर कितना खतरनाक है?

अध्ययन में पाया गया कि उत्तरी भारत में गर्मी की लहरों के दौरान सतही ओजोन का स्तर 85-110 μg/m³ तक पहुंच जाता है, जो WHO के 70 μg/m³ के सुरक्षित मानक से कहीं अधिक है।

यह अध्ययन किसने किया?

यह अध्ययन केरल विश्वविद्यालय और IIT खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने किया और Nature पोर्टफोलियो जर्नल में प्रकाशित हुआ।

स्रोत: www.thehindu.com

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