शिविर का आयोजन और उद्देश्य
कांगड़ा जिले के पुराना कांगड़ा में आयुष विभाग द्वारा एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श उपलब्ध कराना था। शिविर की देखरेख उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. बबिता गौतम ने की।
स्वास्थ्य जांच और उपचार प्रक्रियाएं
शिविर में कुल 51 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों ने मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उपचार प्रक्रियाएं अपनाईं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थीं:
- कपिंग थैरेपी – रक्त संचार सुधारने और दर्द से राहत के लिए।
- अग्निकर्म – जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में लाभकारी।
- एक्यूप्रेशर – शरीर के दबाव बिंदुओं पर उपचार।
ये प्रक्रियाएं एएमओ डॉ. प्रियंका, एपीओ मंगला देवी और योग गाइड रजत चौधरी द्वारा की गईं।
जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
शिविर में आए लोगों को पुरानी बीमारियों से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया गया। चिकित्सकों ने संतुलित आहार, नियमित योग और उचित दिनचर्या के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बीमारियों को रोकना था।
FAQ
पुराना कांगड़ा में स्वास्थ्य शिविर किसने लगाया?
यह शिविर आयुष विभाग द्वारा लगाया गया था।
शिविर में कितने लोगों की जांच हुई?
शिविर में 51 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
शिविर में कौन-कौन सी चिकित्सा प्रक्रियाएं अपनाई गईं?
कपिंग थैरेपी, अग्निकर्म और एक्यूप्रेशर जैसी लघु चिकित्सकीय प्रक्रियाएं की गईं।
शिविर का उद्देश्य क्या था?
लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श देने और पुरानी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करना था।