प्रमुख तथ्य
- तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ अभियान के दौरान एक हेड कांस्टेबल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
- पुलिस ने तीन ट्रैक्टर और एक एक्सकेवेटर जब्त किया था।
- दुर्घटना में 29 बस यात्री घायल हुए, जिनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- मुख्यमंत्री ने 30 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
घटना का विवरण
सोमवार (15 जून, 2026) की सुबह, देवीपट्टिनम पुलिस स्टेशन की एक टीम को सूचना मिली कि कोपेरिमदम गांव के पास एक जलाशय से चार सदस्यीय गिरोह अवैध रूप से सिल्ट निकाल रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर और एक एक्सकेवेटर जब्त कर लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जब्त वाहनों को थाने ले जाने के दौरान हेड कांस्टेबल महेश कुमार एक ट्रैक्टर चला रहे थे। कोपेरिमदम गांव के पास ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर एक तेज रफ्तार सरकारी बस, जो नागरकोइल से वेलांकन्नी जा रही थी, से टक्कर हो गई। इस हादसे में हेड कांस्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार 29 यात्री घायल हो गए, जिनमें नौ महिलाएं शामिल हैं। घायलों में से कम से कम 15 को रामनाथपुरम सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने बताया कि महेश कुमार 2013 में बल में शामिल हुए थे। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हेड कांस्टेबल की मौत पर शोक व्यक्त किया और एक विज्ञप्ति में परिवार को 30 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह घटना अवैध रेत खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई, जो राज्य में एक गंभीर समस्या है।
- दुर्घटना में घायल यात्रियों का इलाज रामनाथपुरम सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में चल रहा है।
- पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दुर्घटना कहां हुई?
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के कोपेरिमदम गांव में ईस्ट कोस्ट रोड पर यह दुर्घटना हुई।
हेड कांस्टेबल की मौत कैसे हुई?
अवैध रेत खनन के खिलाफ अभियान के दौरान जब वह जब्त ट्रैक्टर चला रहे थे, तब एक सरकारी बस से टक्कर हो गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना में कितने लोग घायल हुए?
बस में सवार 29 यात्री घायल हुए, जिनमें 9 महिलाएं शामिल हैं। 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुख्यमंत्री ने क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हेड कांस्टेबल के परिवार को 30 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
स्रोत: www.thehindu.com