मुख्य तथ्य
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने गुरुवार को Hauz Rani B&B में आग लगने से 23 लोगों की मौत के मामले में एक स्वास्थ्य निरीक्षक को बर्खास्त कर दिया। निरीक्षक Prince Mann पर आरोप है कि उन्होंने घटना से एक दिन पहले B&B का सतही निरीक्षण किया और झूठी रिपोर्ट देकर लाइसेंस की सिफारिश की। साथ ही, दक्षिण क्षेत्र के उप स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) Sanjay Sinha को प्रशासनिक कारणों से मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
MCD का आदेश
11 जून 2026 के MCD आदेश में कहा गया है कि Prince Mann ने 2 जून 2026 को B&B का निरीक्षण किया, लेकिन यह सतही और औपचारिक था। आदेश में कहा गया, 'आपने जानबूझकर दस्तावेजों और जमीनी हकीकत के बीच स्पष्ट विसंगतियों को नजरअंदाज किया। आपने झूठी और भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस की सिफारिश की।' MCD ने इसे सार्वजनिक हित के विरुद्ध बताते हुए Mann की सेवाएं समाप्त कर दीं।
निरीक्षण में खामियां
MCD की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि Prince Mann ने लाइसेंस आवेदन को 78 दिनों तक लंबित रखा। आवेदन मार्च 2026 में जमा किया गया था, लेकिन निरीक्षण में देरी हुई। B&B के मालिक Lovkesh Bajaj के पास केवल चाय-नाश्ते की दुकान का लाइसेंस था, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। आग लगने के दिन ही उन्होंने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया।
B&B में अनियमितताएं
जांच में पाया गया कि B&B में केवल 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे चल रहे थे, जो चार मंजिलों, बेसमेंट और छत पर फैले हुए थे। इसमें कोई आपातकालीन निकास नहीं था। दिल्ली पुलिस ने 4 जून 2026 को परिसर से चार गैस सिलेंडर बरामद किए थे।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। MCD ने DHO Sanjay Sinha को भी प्रशासनिक आधार पर हटा दिया है। आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Hauz Rani B&B में आग कब लगी?
Hauz Rani B&B में 2 जून 2026 को आग लगी थी, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई।
MCD ने निरीक्षक Prince Mann को क्यों बर्खास्त किया?
Prince Mann ने आग से एक दिन पहले B&B का सतही निरीक्षण किया और झूठी रिपोर्ट देकर लाइसेंस की सिफारिश की, जिसमें कई अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया।
B&B में कितने कमरे थे और कितने की अनुमति थी?
B&B में 25 कमरे थे, जबकि केवल 6 कमरों की अनुमति थी। इसमें कोई आपातकालीन निकास नहीं था।
क्या रेस्तरां के पास वैध लाइसेंस था?
रेस्तरां के पास केवल चाय-नाश्ते की दुकान का लाइसेंस था, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। आग लगने के दिन ही नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया।