मुख्य तथ्य
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता टी. हरीश राव ने मंगलवार को कांग्रेस सरकार पर सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) को वित्तीय कुप्रबंधन के जरिए संकट में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कोठागुडेम में टीबीजीकेएस द्वारा आयोजित 'सिंगरेनी परिरक्षण सदस्सु' को संबोधित करते हुए यह बात कही।
विस्तृत जानकारी
हरीश राव ने SCCL कोयला खदानों में ओवरबर्डन (OB) हटाने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं से संबंधित टेंडरों में अनियमितताओं के आरोप दोहराए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस शासन के तहत SCCL की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उसे ओवरड्राफ्ट लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रभाव
हरीश राव ने मांग की कि केंद्र सरकार SCCL में कोयले के गायब होने और अन्य कथित घोटालों की जांच के लिए CBI या विजिलेंस जांच का आदेश दे। उन्होंने SCCL को तेलंगाना की बहुमूल्य संपत्ति बताते हुए कहा, "हम सिंगरेनी की रक्षा और अपने राज्य के साथ-साथ अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए अथक प्रयास करेंगे।"
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- BRS नेता ने SCCL में वित्तीय कुप्रबंधन और टेंडर अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।
- उन्होंने केंद्र से CBI या विजिलेंस जांच की मांग की है।
- यह मामला तेलंगाना की अर्थव्यवस्था और SCCL के हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) क्या है?
SCCL तेलंगाना सरकार के स्वामित्व वाली एक कोयला खनन कंपनी है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हरीश राव ने SCCL में किन अनियमितताओं का आरोप लगाया है?
उन्होंने ओवरबर्डन हटाने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं में अनियमितताओं के साथ-साथ कोयले के गायब होने का आरोप लगाया है।
हरीश राव ने किस तरह की जांच की मांग की है?
उन्होंने केंद्र सरकार से CBI या विजिलेंस जांच कराने की मांग की है।