मामला क्या है?
हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। मेरापुर निवासी शिवराज सिंह को पुलिस ने गलत वारंटी समझकर उठा लिया और थाने में बुरी तरह पीटा। पीड़ित की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट के बाद एसआई सुरेंद्र पाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच अपर एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने की।
पीड़ित परिवार का आरोप
शिवराज की बहन रूबी ने बताया कि एसआई सुरेंद्र पाल सिंह पुलिस टीम के साथ घर पहुंचे और 2018 के एक मामले का हवाला देकर शिवराज को ले गए। परिवार ने वारंट दिखाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई दस्तावेज नहीं दिखाए। कुछ देर बाद पता चला कि शिवराज घायल हालत में अस्पताल में है। बहन ने बताया कि थाने पहुंचने पर भाई के कपड़ों पर खून लगा था और वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था।
अस्पताल में चोटों की पुष्टि
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि घायल को पुलिस ही अस्पताल लेकर आई थी। जांच में हाथ, चेहरे और छाती पर चोटें मिलीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर किया गया।
थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी राम आसरे सरोज ने कहा कि वारंट में केवल शिवराज का नाम था। मोहल्ले के लोगों की पहचान के आधार पर एसआई युवक को लाए। थाने में अभिलेखों के मिलान पर पता चला कि वारंटी के पिता का नाम अलग है। उन्होंने दावा किया कि युवक ने थाने में तोड़फोड़ की और कांच टूटने से चोटें आईं। उन्होंने मारपीट से इनकार करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित हैं।
अब तक की स्थिति
देर रात करीब 10 बजे पीड़ित युवक घर जाने लगा तो पुलिस ने उसे रोककर फिर से अस्पताल ले गई। मामले की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हमीरपुर में पुलिस बर्बरता का मामला क्या है? सदर कोतवाली पुलिस ने गलत वारंटी समझकर शिवराज सिंह को उठा लिया और थाने में पीटा। बाद में एसपी ने एसआई को लाइन हाजिर किया।
- पीड़ित युवक की हालत कैसी है? शिवराज सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हाथ, चेहरे और छाती पर चोटें पाई गईं। प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया।
- पुलिस अधीक्षक ने क्या कार्रवाई की? एसपी मृगांक शेखर पाठक ने जांच के बाद एसआई सुरेंद्र पाल को लाइन हाजिर कर दिया। जांच अपर एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने की।