मृतक की जमीन का फर्जी बैनामा: पूरा मामला
हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मृतक किसान की जमीन का फर्जी बैनामा सब रजिस्ट्रार दफ्तर में दर्ज कर लिया गया। यह घटना राजस्व और पंजीकरण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
राठ तहसील के गांव धनौरी खुर्द निवासी हरिहर सिंह की मृत्यु 14 जून 2022 को हुई थी। वह लखनऊ में रहते थे और गांव कभी-कभार आते थे। उनके नाम गाटा संख्या 911 में 0.535 हेक्टेयर जमीन दर्ज थी। मृत्यु के बाद यह जमीन उनके आश्रितों को विरासत में मिलनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इसके बजाय, 4 अप्रैल 2025 को, यानी मृत्यु के लगभग तीन साल बाद, हरिहर सिंह के नाम से यह जमीन सरीला तहसील के पथखुरी गांव निवासी आकाश को बेच दी गई। सब रजिस्ट्रार दफ्तर में इस बैनामे के कागजात तैयार हुए और अधिकारियों ने रजिस्ट्री भी कर दी।
विधायक ने उठाए सवाल
जब यह मामला उजागर हुआ, तो पहले इसे दबाने का प्रयास किया गया। शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में क्षेत्रीय विधायक मनीषा अनुरागी के संज्ञान में आने पर उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। जांच के आदेश तो दिए गए, लेकिन जांच की प्रगति की समीक्षा नहीं हुई। विधायक ने अब जिला प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी है और सब रजिस्ट्रार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरी घटना?
- मृतक: हरिहर सिंह, निवासी धनौरी खुर्द, राठ तहसील
- मृत्यु तिथि: 14 जून 2022
- जमीन: गाटा संख्या 911, 0.535 हेक्टेयर
- फर्जी बैनामा तिथि: 4 अप्रैल 2025
- खरीददार: आकाश, निवासी पथखुरी, सरीला तहसील
विभागीय लापरवाही पर सवाल
इस मामले में सब रजिस्ट्रार दफ्तर की लापरवाही साफ दिखती है। दस्तावेजों के सत्यापन में चूक हुई और एक मृत व्यक्ति की जमीन का बैनामा बिना किसी आपत्ति के दर्ज हो गया। ऐसे में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
यह घटना कहां हुई?
हमीरपुर जिले की राठ तहसील के गांव धनौरी खुर्द में।
मृतक कौन था?
हरिहर सिंह, जिनकी मृत्यु 14 जून 2022 को हुई थी।
फर्जी बैनामा कब हुआ?
4 अप्रैल 2025 को, मृत्यु के लगभग तीन साल बाद।
इस मामले में क्या कार्रवाई हुई?
विधायक मनीषा अनुरागी ने जांच के आदेश दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।