मुख्य तथ्य
आंध्र प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) के एक कर संग्राहक को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह घटना पश्चिम क्षेत्र कार्यालय में दोपहर लगभग 2:15 बजे हुई।
विस्तृत जानकारी
ACB के अनुसार, आरोपी मुरुगुटू श्रीनू (45) GVMC के पश्चिम क्षेत्र के जोनल आयुक्त कार्यालय के सार्वजनिक स्वास्थ्य विंग में कर संग्राहक के पद पर तैनात था। उसने पेंडुरथी निवासी के. प्रसन्ना कुमार से उनकी चाची वेन्नू चिन्नाथल्ली के पेंशन और अन्य लाभों के प्रसंस्करण और स्वीकृति के लिए रिश्वत की मांग की और स्वीकार की।
आरोपी का कार्यकाल
ACB ने बताया कि श्रीनू 2006 में अनुकंपा के आधार पर GVMC में सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में शामिल हुआ था। 1 फरवरी 2024 को उसे कर संग्राहक के पद पर पदोन्नत किया गया। जोन के विभाजन के बाद, वह जनवरी 2026 से पश्चिम क्षेत्र में सेवा दे रहा था।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे विशाखापत्तनम में SPE और ACB मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है। यह घटना सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को रेखांकित करती है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यदि आप किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने के शिकार हैं, तो तुरंत ACB से संपर्क करें।
- भ्रष्टाचार की सूचना देने के लिए ACB की हेल्पलाइन का उपयोग करें।
- सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने में किसी भी देरी या अनियमितता की रिपोर्ट करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GVMC कर संग्राहक को कितनी रिश्वत लेते पकड़ा गया?
मुरुगुटू श्रीनू को 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
रिश्वत किस काम के लिए मांगी गई थी?
पेंशन और संबंधित लाभों के प्रसंस्करण और स्वीकृति के लिए रिश्वत मांगी गई थी।
आरोपी कब से GVMC में कार्यरत है?
वह 2006 से GVMC में कार्यरत है और फरवरी 2024 में कर संग्राहक पद पर पदोन्नत हुआ।
स्रोत: www.thehindu.com