आध्यात्मिक यात्रा पर कांगड़ा पहुंचीं गुरुमां भीमा
आध्यात्मिक यात्रा के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश पहुंचीं गुरुमां भीमा (डॉ. मीना महाजन) ने कांगड़ा जिले के प्रमुख शक्तिपीठों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां चामुंडा, बज्रेश्वरी, ज्वाला, चिंतपूर्णी और बगलामुखी मंदिरों के साथ-साथ प्राचीन बैजनाथ शिव मंदिर में भी माथा टेका।
गुरुमां का संदेश: प्रेम, सद्भाव और सेवा
गुरुमां भीमा ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराएं मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देती हैं और समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया।
यात्रा का विवरण
- स्थान: कांगड़ा जिला, विशेष रूप से बैजनाथ क्षेत्र
- मंदिर: मां चामुंडा, बज्रेश्वरी, ज्वाला, चिंतपूर्णी, बगलामुखी और बैजनाथ शिव मंदिर
- उपस्थित गणमान्य: युवा कांग्रेस नेता रविंद्र बिट्टू, शशि राणा, रविंद्र राव, मंदिर ट्रस्टी मनीष शर्मा और सहायक उत्पाद शुल्क आयुक्त मनोज सहगल
क्या कहा गुरुमां ने?
गुरुमां भीमा ने कहा, "भारत की आध्यात्मिक परंपराएं मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देती हैं और समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत बनाती हैं।" उन्होंने लोगों से आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
FAQ
गुरुमां भीमा कौन हैं?
गुरुमां भीमा, जिनका पूरा नाम डॉ. मीना महाजन है, एक आध्यात्मिक गुरु हैं जो भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने कांगड़ा में किन मंदिरों के दर्शन किए?
उन्होंने मां चामुंडा, बज्रेश्वरी, ज्वाला, चिंतपूर्णी, बगलामुखी मंदिरों और प्राचीन बैजनाथ शिव मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
इस यात्रा का उद्देश्य क्या था?
यह एक आध्यात्मिक यात्रा थी जिसमें उन्होंने आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन का संदेश दिया।
इस अवसर पर कौन-कौन उपस्थित थे?
युवा कांग्रेस नेता रविंद्र बिट्टू, शशि राणा, रविंद्र राव, मंदिर ट्रस्टी मनीष शर्मा और सहायक उत्पाद शुल्क आयुक्त मनोज सहगल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।