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गुरुग्राम में अवैध pg हॉस्टलों पर कार्रवाई: 5000 से अधिक संपत्तियां सील, हजारों किराएदार बेघर

मुख्य तथ्य गुरुग्राम के DLF फेज 3 और आसपास के इलाकों में अवैध PG हॉस्टलों और किराए के कमरों के खिलाफ चल रही सीलिंग ड्राइव ने हजारों किराएदारों को बेघर कर दिया है। पंजाब और…

मुख्य तथ्य

गुरुग्राम के DLF फेज 3 और आसपास के इलाकों में अवैध PG हॉस्टलों और किराए के कमरों के खिलाफ चल रही सीलिंग ड्राइव ने हजारों किराएदारों को बेघर कर दिया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (एन्फोर्समेंट) की टीम ने 5000 से अधिक संपत्तियों को सील किया है। इस कार्रवाई से युवा पेशेवरों और परिवारों को अचानक विस्थापन, वित्तीय तनाव और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

कैसे शुरू हुआ यह विवाद?

यह मामला DLF सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य स्थानीय समूहों द्वारा 2021 में दायर याचिकाओं से उपजा है, जिसमें बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन, अवैध निर्माण और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायत की गई थी। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 13 फरवरी 2025 को डीटीपी (एन्फोर्समेंट) को कार्रवाई के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल 2025 को इस आदेश पर रोक लगा दी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने 29 मई 2026 को केवल उन्हीं संपत्तियों को संरक्षण दिया जिन्होंने सिविल मिसलेनियस एप्लिकेशन दायर किया था, जिससे अन्य संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।

किराएदारों की व्यथा

भुवनेश्वर की रहने वाली संगमित्रा पति, जो गुरुग्राम में मार्केटिंग मैनेजर हैं, को 20 जून 2026 को अचानक फोन आया कि उनकी बिल्डिंग सील की जा रही है और उन्हें दो घंटे में कमरा खाली करना होगा। वह सैकड़ों किलोमीटर दूर थीं, इसलिए उन्होंने एक दोस्त से अपना सामान निकलवाया। उन्होंने कहा, "मैंने सभी DLF फेजेज का बहिष्कार कर दिया है।" अब वह गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर एक सोसायटी में 1BHK किराए पर लेकर रह रही हैं।

कोलकाता की एक 25 वर्षीय महिला, जिसने नाम न छापने की शर्त पर बात की, को 18 जून को सिर्फ 10 मिनट का समय मिला। वह काम पर थीं जब पड़ोसी ने फोन किया। बाद में उन्हें अपना सामान निकालने के लिए सिर्फ दो घंटे का समय दिया गया, तब तक सब कुछ खराब हो चुका था। उन्होंने दो हफ्ते होटल में बिताए और जुलाई के पहले हफ्ते में नया 1BHK ढूंढा। उन्होंने बताया, "ड्राइव के बाद से 1BHK और 1RK की मांग बढ़ गई है और किराए आसमान छू रहे हैं।"

एक अन्य किराएदार सुनैना ने कहा, "मेरे पास वैध रेंट एग्रीमेंट था, मैं समय पर ₹30,000 प्रति माह किराया देती थी। यह कोई शैडी PG नहीं था। तो मुझे कैसे पता चलता? अब मेरा सवाल है कि मैं कैसे जानूं कि अगली जगह भी इस लिस्ट में नहीं है?"

मकान मालिकों की भूमिका

एक नाम न छापने वाले मकान मालिक ने स्वीकार किया कि मालिकों को पहले से जानकारी थी, लेकिन उन्होंने किराएदारों को नहीं बताया क्योंकि उन्हें इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी बिल्डिंग के पास सभी आवश्यक अनुमतियां थीं, लेकिन स्टिल्ट फ्लोर पर दुकानें और जिम चलने से बायलॉज का उल्लंघन हुआ।

कार्रवाई का दायरा

डीटीपी (एन्फोर्समेंट) अमित मधोलिया के अनुसार, अधिकांश PG हॉस्टल नीतिगत मानदंडों के उल्लंघन में चल रहे हैं। नियमों के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में गेस्ट हाउस के लिए कुल भूमि क्षेत्र 1.25 एकड़ से अधिक नहीं होना चाहिए और कमरे केवल एक माह से कम अवधि के लिए किराए पर दिए जा सकते हैं। सील की गई संपत्तियों में सबसे बड़ा PG 1,000 वर्ग गज का था, जिसमें 128 कमरे थे और बेसमेंट में जिम तथा स्टिल्ट फ्लोर पर किचन और रेस्टोरेंट चल रहे थे।

PG बाजार का अर्थशास्त्र

DLF फेज 3 में EWS प्लॉट्स PG कारोबार का केंद्र हैं। वकील आर.पी. यादव के अनुसार, 60 वर्ग गज के EWS प्लॉट की कीमत ₹2.5-3 करोड़ है और निर्माण पर ₹1 करोड़ अतिरिक्त खर्च आता है। निवेश के बाद मासिक आय ₹1-1.5 लाख होती है। उन्होंने बताया कि कई इमारतों में पांच मंजिलें बनाई गई हैं, जबकि नियम स्टिल्ट प्लस चार मंजिल की अनुमति देते हैं।

FAQ

गुरुग्राम में PG हॉस्टलों पर कार्रवाई क्यों हो रही है?

यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है, जिसमें बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन, अवैध निर्माण और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

कितनी संपत्तियां सील की गई हैं?

अब तक 5000 से अधिक संपत्तियों को सील किया गया है, जिनमें PG हॉस्टल, अवैध रूप से परिवर्तित किराए के कमरे और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।

किराएदारों को क्या समस्या हो रही है?

किराएदारों को बिना पूर्व सूचना के घर खाली करने को कहा जा रहा है, जिससे उनका सामान अंदर बंद रह गया है। कई लोगों को होटलों में शरण लेनी पड़ी और सुरक्षा जमा राशि वापस नहीं मिल पाई है।

क्या किराएदारों को पहले से सूचना दी गई थी?

अधिकांश मामलों में किराएदारों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। कई मकान मालिकों को कार्रवाई की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने किराएदारों को नहीं बताया।

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