पूर्व मंत्री ने साई कृष्णा मौत मामले में CBI जांच की मांग की
विशाखापत्तनम: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री गुडिवाड़ा अमरनाथ ने गुरुवार को आरोप लगाया कि विजयवाड़ा पुलिस हिरासत में युवक गड्डे साई कृष्णा की मौत राज्य में लागू 'लाल किताब संविधान' का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, मंत्री नारा लोकेश और गृह मंत्री वी अनिता को भी इस मामले में आरोपी बनाने की मांग की।
प्रमुख आरोप और मांगें
अमरनाथ ने कहा कि सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने से साबित होता है कि साई कृष्णा पुलिस हिरासत में नहीं बच पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक अधिकारी को बलि का बकरा बनाकर पुलिस आयुक्त, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
- CBI जांच की मांग: अमरनाथ ने कहा कि एसपी रैंक के अधिकारी को जांच सौंपना सिर्फ आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है, क्योंकि वह अपने से वरिष्ठ अधिकारियों की जांच नहीं कर सकता। केवल CBI जांच ही पूरी सच्चाई सामने ला सकती है।
- CCTV फुटेज जारी करने की मांग: उन्होंने कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की।
- संवैधानिक शासन के पतन का आरोप: अमरनाथ ने कहा कि आंध्र प्रदेश में संवैधानिक शासन ध्वस्त हो रहा है और पुलिस को किसी भी व्यक्ति पर तीसरी डिग्री यातना लागू करने का अधिकार नहीं है।
राजनीतिक जिम्मेदारी
अमरनाथ ने मुख्यमंत्री नायडू, मंत्री लोकेश और गृह मंत्री अनिता को राजनीतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें भी आरोपी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस तंत्र के कामकाज और कानून व्यवस्था के पतन के लिए वे जिम्मेदार हैं।
क्या है पूरा मामला?
गड्डे साई कृष्णा नामक युवक की विजयवाड़ा पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस पर यातना देकर हत्या करने का आरोप लगाया था। इस मामले में सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गड्डे साई कृष्णा की मौत कैसे हुई?
गड्डे साई कृष्णा की विजयवाड़ा पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पूर्व मंत्री गुडिवाड़ा अमरनाथ के अनुसार, यह पुलिस द्वारा तीसरी डिग्री यातना का परिणाम था।
गुडिवाड़ा अमरनाथ ने CBI जांच की मांग क्यों की?
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त SP रैंक के अधिकारी से जांच कराना सिर्फ आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है, क्योंकि वह वरिष्ठ अधिकारियों की जांच नहीं कर सकता। केवल CBI ही पूरी सच्चाई सामने ला सकती है।
अमरनाथ ने मुख्यमंत्री नायडू और मंत्रियों को आरोपी बनाने की मांग क्यों की?
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 'लाल किताब संविधान' लागू किया गया है, जिसके कारण पुलिस मनमानी कर रही है। सीएम और मंत्री पुलिस तंत्र के राजनीतिक रूप से जिम्मेदार हैं, इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाया जाना चाहिए।
Source: www.thehindu.com