मुख्य तथ्य
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ओडिशा सरकार को निर्देश दिया कि वह ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड के मुख्य दोषी दारा सिंह की दया याचिका पर एक महीने के भीतर फैसला ले। दारा सिंह इस मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
22 जनवरी 1999 की रात को ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर में दारा सिंह के नेतृत्व में करीब 50 लोगों की भीड़ ने ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों फिलिप (10) और टिमोथी (6) पर हमला कर दिया था। तीनों एक स्टेशन वैगन में सो रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह हमला धार्मिक रूपांतरण को लेकर तनाव से जुड़ा था।
कानूनी प्रक्रिया
इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। सितंबर 2003 में सीबीआई अदालत ने दारा सिंह को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास में बदल दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2011 में इस फैसले को बरकरार रखा। दारा सिंह पिछले 26 वर्षों से क्योंझर जिला जेल में बंद है।
दया याचिका और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
दारा सिंह ने जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट में दया याचिका दायर की थी, जिसमें उसने कहा था कि उसने 24 साल से अधिक जेल में बिताए हैं और अपने कृत्य पर पश्चाताप है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए ओडिशा सरकार को 19 अगस्त तक फैसला लेने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार का रुख
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, जो क्योंझर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, पहले भी दारा सिंह की रिहाई का समर्थन कर चुके हैं। अप्रैल 2025 में इसी मामले के एक अन्य दोषी महेंद्र हेंब्रम को 25 साल बाद 'अच्छे व्यवहार' के आधार पर रिहा किया गया था।
FAQ
दारा सिंह कौन है?
दारा सिंह ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या का मुख्य दोषी है, जिसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड कब हुआ?
यह हत्याकांड 22 जनवरी 1999 की रात को ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर में हुआ था।
दारा सिंह की रिहाई की मांग क्यों उठ रही है?
दारा सिंह ने 24 साल से अधिक जेल में बिताने और पश्चाताप के आधार पर रिहाई की मांग की है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी उसकी रिहाई का समर्थन कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को दारा सिंह की दया याचिका पर एक महीने के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।