मुख्य जानकारी
एंडॉवमेंट विभाग के आयुक्त के. रामचंद्र मोहन ने शनिवार को बताया कि 2027 में होने वाले गोदावरी पुष्करम के लिए पुष्कर घाटों के पास 162 मंदिरों की पहचान की गई है, जिनका जीर्णोद्धार किया जाएगा। यह जानकारी उन्होंने पूर्वी गोदावरी जिला कलेक्टर किर्ती चेकुरी और गोदावरी पुष्करम विशेष अधिकारी राहुल मीना के साथ बैठक में दी।
विस्तृत जानकारी
श्री मोहन ने कहा, “पुष्करम में आने वाले श्रद्धालु पुष्कर घाटों के पास स्थित मंदिरों में जाएंगे। गोदावरी क्षेत्र में निर्धारित पुष्कर घाटों के पास कुल 543 मंदिरों की पहचान की गई है।” उन्होंने आगे बताया कि इनमें से 162 मंदिरों को अधिक सुविधाओं के साथ जीर्णोद्धार के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और इसे अगले वर्ष मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्तमान प्रगति
श्री मोहन ने बताया कि 43 मंदिरों में जीर्णोद्धार का काम शुरू हो चुका है। बैठक में सुश्री किर्ती और श्री मीना ने पुष्करम के दौरान बुनियादी ढांचा सुविधाएं बनाने और भीड़ प्रबंधन के लिए एंडॉवमेंट, राजस्व और राजमहेंद्रवरम नगर निगम अधिकारियों के बीच समन्वय का आग्रह किया।
प्रभाव और महत्व
गोदावरी पुष्करम एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है जिसमें लाखों श्रद्धालु गोदावरी नदी में पवित्र स्नान करने आते हैं। मंदिरों के जीर्णोद्धार से श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- गोदावरी पुष्करम 2027 में आयोजित होगा।
- 543 मंदिरों की पहचान की गई है, जिनमें से 162 का जीर्णोद्धार होगा।
- जीर्णोद्धार का लक्ष्य मार्च 2027 तक पूरा करना है।
- 43 मंदिरों में काम शुरू हो चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोदावरी पुष्करम 2027 कब होगा?
गोदावरी पुष्करम 2027 में आयोजित होने वाला है।
कितने मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा?
162 मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिसका लक्ष्य मार्च 2027 तक पूरा करना है।
जीर्णोद्धार का काम कब शुरू होगा?
43 मंदिरों में जीर्णोद्धार का काम शुरू हो चुका है।
स्रोत: www.thehindu.com