प्रमुख तथ्य
पुणे स्थित रक्षा और एयरोस्पेस निर्माता कंपनी निबे लिमिटेड ने अपने उन्नत लंबी दूरी के 120mm वाहन-माउंटेड मोर्टार सिस्टम 'गरुड़ास्त्र' का भारतीय सेना के समक्ष प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मंगलवार (16 जून, 2026) को मध्य प्रदेश के एमएचओडब्ल्यू स्थित इन्फैंट्री स्कूल में बिना किसी लागत और प्रतिबद्धता (NC-NC) मूल्यांकन के तहत हुआ।
प्रदर्शन का विवरण
निबे लिमिटेड के अनुसार, इस परीक्षण में सिस्टम की तेज तैनाती क्षमता, उच्च दर से फायरिंग, मल्टीपल राउंड्स सिमल्टेनियस इम्पैक्ट (MRSI) क्षमता, और GPS तथा लेजर-निर्देशित गोला-बारूद का प्रदर्शन किया गया।
शूट-एंड-स्कूट मिशन
परीक्षण की शुरुआत एक सामरिक शूट-एंड-स्कूट मिशन से हुई, जिसमें युद्धक्षेत्र की स्थितियों का अनुकरण किया गया। गरुड़ास्त्र ने 30 सेकंड से भी कम समय में फायरिंग पोजीशन ले ली। इसके बाद सिस्टम ने 15 सेकंड के भीतर दो राउंड दागे और फिर काउंटर-बैटरी फायर से बचने के लिए 15 सेकंड से कम समय में अपनी स्थिति बदल ली। इसके बाद यह दूसरी पोजीशन पर जाकर समान सटीकता से लक्ष्य पर फिर से हमला करने में सफल रहा।
उच्च दर से फायरिंग और MRSI
मोर्टार सिस्टम ने अपनी उच्च-मात्रा फायरपावर का प्रदर्शन करते हुए दो सदस्यीय दल के साथ 60 सेकंड के भीतर 12 राउंड दागे, जो सटीकता बनाए रखते हुए किए गए। एक अन्य मुख्य आकर्षण MRSI मिशन का सफल निष्पादन था, जिसमें तीन राउंड अलग-अलग प्रक्षेप पथों और उड़ान पथों पर दागे गए, फिर भी वे एक साथ लक्ष्य पर प्रभाव डालने में सफल रहे।
सटीक-निर्देशित गोला-बारूद
प्रदर्शन का समापन एक सटीक-निर्देशित गोला-बारूद के फायरिंग के साथ हुआ, जो 10 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। GPS और लेजर सिस्टम द्वारा निर्देशित इस गोले ने 3 मीटर x 3 मीटर के लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया, जो हथियार की सटीक-स्ट्राइक क्षमता को दर्शाता है।
गरुड़ास्त्र की क्षमताएं
कंपनी ने बताया कि गरुड़ास्त्र को सटीक अप्रत्यक्ष फायर सपोर्ट प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 17 किग्रा का पैनेट्रेटिंग वारहेड है जो प्रबलित कंक्रीट को भेदने में सक्षम है। कंपनी ने कहा कि सफल प्रदर्शन इज़राइल स्थित अपने OEM भागीदारों के साथ रणनीतिक सहयोग के माध्यम से स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को मजबूत करने और सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहलों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह प्रदर्शन भारतीय सेना की आधुनिकीकरण योजनाओं के अनुरूप है, जहां स्वदेशी और उन्नत हथियार प्रणालियों को प्राथमिकता दी जा रही है। गरुड़ास्त्र जैसी प्रणालियां युद्धक्षेत्र में तेजी से तैनाती और सटीक हमले की क्षमता प्रदान करती हैं, जो भविष्य के संघर्षों में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गरुड़ास्त्र मोर्टार सिस्टम क्या है?
गरुड़ास्त्र निबे लिमिटेड द्वारा विकसित 120mm वाहन-माउंटेड मोर्टार सिस्टम है, जो तेज तैनाती, उच्च दर से फायरिंग और सटीक हमले में सक्षम है।
गरुड़ास्त्र का प्रदर्शन कहां हुआ?
प्रदर्शन मध्य प्रदेश के एमएचओडब्ल्यू स्थित इन्फैंट्री स्कूल में हुआ, जहां भारतीय सेना ने इसका मूल्यांकन किया।
गरुड़ास्त्र की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
इसकी मुख्य विशेषताओं में 30 सेकंड में तैनाती, 60 सेकंड में 12 राउंड फायरिंग, MRSI क्षमता और 10 किमी तक GPS/लेजर निर्देशित गोला-बारूद शामिल हैं।
गरुड़ास्त्र का वारहेड कितना शक्तिशाली है?
इसमें 17 किग्रा का पैनेट्रेटिंग वारहेड है जो प्रबलित कंक्रीट को भेदने में सक्षम है।