गरलोग स्कूल में शिक्षा संकट: चार अध्यापकों समेत छह पद रिक्त
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल पधर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरलोग में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अनुसार, अध्यापकों के चार पदों के अलावा एक पीईटी (शारीरिक शिक्षा शिक्षक) और एक चपरासी का पद खाली है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और खेल गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
अभिभावकों में बढ़ता रोष
लगातार रिक्त पदों के कारण अभिभावकों में शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों के अभाव में बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। एक अभिभावक ने कहा, 'अध्यापकों के न होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।'
प्रबंधन समिति की बैठक और प्रस्ताव
शनिवार को स्कूल परिसर में स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष बीरी सिंह ठाकुर और प्रधानाचार्य मीना कुमारी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें समिति के सदस्यों और पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह और शिक्षा मंत्री को भेजा गया। प्रस्ताव में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की गई है।
रिक्त पदों का विवरण
- अध्यापक (राजनीति शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी सहित): 4 पद
- पीईटी (शारीरिक शिक्षा शिक्षक): 1 पद
- चपरासी: 1 पद
स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष बीरी सिंह ठाकुर ने बताया कि ये पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई और खेलकूद में कठिनाई हो रही है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पदों को भरा जाए ताकि बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा न आए।
भूमि विवाद और बजट प्रावधान पर भी चर्चा
बैठक में स्कूल भूमि के एफआरए केस पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में बजट प्रावधान के लिए स्थानीय विधायक और शिक्षा मंत्री को प्रस्ताव सौंपने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग
बैठक में एसएमसी प्रधान बीरी सिंह ठाकुर के अलावा अभिभावक बनिता देवी, वंदना, रीना, शकुंतला, भावना, रीता देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गरलोग स्कूल में कितने पद रिक्त हैं?
स्कूल में चार अध्यापकों, एक पीईटी और एक चपरासी के पद रिक्त हैं।
रिक्त पदों से पढ़ाई पर क्या असर पड़ रहा है?
रिक्त पदों के कारण राजनीति शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी जैसे विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और खेल गतिविधियां ठप हैं।
अभिभावकों ने क्या कार्रवाई की है?
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को प्रस्ताव भेजकर पद भरने की मांग की है।