प्रमुख तथ्य
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री उदयन गुहा को बुधवार (17 जून, 2026) को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में कथित धोखाधड़ी और 'कट मनी' वसूली के मामले में हुई है। यह मामला कोच बिहार जिले के दिनहाटा थाने में दर्ज कराया गया था।
मामले का विवरण
कोच बिहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उदयन गुहा के खिलाफ 11 जून, 2026 को दिनहाटा थाने में IPC की धारा 406, 409 और 420 के तहत FIR दर्ज की गई थी। यह मामला 2016 से PMAY के तहत धोखाधड़ी और 'कट मनी' वसूली के आरोपों से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता, जो दिनहाटा का निवासी है, ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री ने स्थानीय निवासियों से एक सरकारी अस्पताल में बच्चों के वार्ड के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये एकत्र किए। हालांकि, न तो कोई रसीद जारी की गई और न ही परियोजना को कभी क्रियान्वित किया गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
उदयन गुहा पूर्व मंत्री और फॉरवर्ड ब्लॉक नेता कमल गुहा के पुत्र हैं। वह 2011 में फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर विधायक बने, लेकिन बाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए और 2016 में TMC के टिकट पर चुनाव जीता।
वह 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद गिरफ्तार होने वाले TMC सरकार के चौथे पूर्व मंत्री हैं। इससे पहले पूर्व मंत्री सुजीत बोस, उज्ज्वल बिस्वास और दिलीप मंडल को धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोपों में पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था।
अन्य गिरफ्तारियां
इस बीच, कोलकाता पुलिस ने वार्ड नंबर 108 के TMC पार्षद सुशांत घोष को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर हफ्तों से फरार थे। पुलिस के अनुसार, घोष और उनके सहयोगियों ने कोलकाता के EM बाईपास-रूबी क्रॉसिंग के पास ठेला-दुकानदारों और व्यापारियों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की जबरन वसूली की थी। इस मामले में ठेला-दुकानदारों के एक संघ के कम से कम 130 सदस्यों ने आनंदपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद घोष फरार हो गए थे। उनके ड्राइवर को शुक्रवार को बंगाल-ओडिशा सीमा से गिरफ्तार किया गया था।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
उदयन गुहा की गिरफ्तारी से TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है। पूर्व मंत्रियों की लगातार गिरफ्तारियों को BJP सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जबकि TMC इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- यह मामला PM आवास योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं में धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर करता है।
- गिरफ्तारी के बावजूद, आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत उचित अवसर मिलेगा।
- इस तरह की कार्रवाइयों से भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का विश्वास मजबूत होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
उदयन गुहा को किन धाराओं में गिरफ्तार किया गया?
उन पर IPC की धारा 406, 409 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो आपराधिक विश्वासघात, सार्वजनिक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
क्या उदयन गुहा पहले भी किसी पार्टी से जुड़े थे?
हां, वह पहले फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर 2011 में विधायक बने थे, बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए और 2016 में उसी पार्टी से चुनाव जीता।
इस मामले में अब तक कितने पूर्व मंत्री गिरफ्तार हो चुके हैं?
उदयन गुहा चौथे पूर्व मंत्री हैं जिन्हें टीएमसी सरकार में रहने के बाद गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले सुजीत बोस, उज्ज्वल बिस्वास और दिलीप मंडल को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तारी के बाद उदयन गुहा को कहां ले जाया गया?
उन्हें नादिया जिले में पुलिस हिरासत में ले जाया गया, जहां से उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
स्रोत: www.thehindu.com