प्रमुख तथ्य
थ्रिसूर भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) के एक पूर्व सहायक अभियंता को रिश्वत लेने के मामले में सात साल के कठोर कारावास और 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी K. सासी (65) कोल्लम जिले के थाझावा का रहने वाला है और कुन्नमकुलम KSEB कार्यालय में पूर्व सहायक अभियंता था।
मामले का विवरण
यह मामला 2014 का है जब एक भवन मालिक ने चावक्कड़ में अपने निजी बैंकिंग प्रतिष्ठान के लिए अतिरिक्त बिजली लोड कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। सासी ने कथित तौर पर कनेक्शन प्रसंस्करण के बदले 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की और स्वीकार की। थ्रिसूर विजिलेंस यूनिट ने उसे राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
फैसला और सजा
थ्रिसूर भ्रष्टाचार निरोधक अदालत के न्यायाधीश K.M. रतीश ने 20 जून 2026 को यह फैसला सुनाया। सासी को सात साल के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के बाद उसे विय्यूर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
जांच और अभियोजन
जांच का नेतृत्व विजिलेंस अधिकारियों ने किया, जिसमें डीवाईएसपी ज्योतिष कुमार और डीवाईएसपी ए. रामचंद्रन शामिल थे। लोक अभियोजक वी.के. शैलजन ने विजिलेंस की ओर से पैरवी की।
भ्रष्टाचार रिपोर्ट करने के लिए जागरूकता
विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने जनता से भ्रष्टाचार की सूचना देने का आग्रह किया है। वे टोल-फ्री नंबर 1064, मोबाइल 8592900900 या व्हाट्सएप 9447789100 पर संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- पूर्व KSEB इंजीनियर को कितने साल की सजा हुई? थ्रिसूर भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने पूर्व KSEB सहायक अभियंता K. सासी को 7 साल के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
- यह मामला कब का है? यह मामला 2014 का है, जब आरोपी ने एक निजी बैंकिंग प्रतिष्ठान के लिए अतिरिक्त बिजली लोड कनेक्शन प्रसंस्करण के बदले 10,000 रुपये रिश्वत मांगी और स्वीकार की।
- सजा कब सुनाई गई? थ्रिसूर भ्रष्टाचार निरोधक अदालत के न्यायाधीश K.M. रतीश ने 20 जून 2026 को यह फैसला सुनाया।
- भ्रष्टाचार की रिपोर्ट कैसे करें? विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने जनता से टोल-फ्री नंबर 1064, मोबाइल 8592900900 या व्हाट्सएप 9447789100 पर भ्रष्टाचार की सूचना देने का आग्रह किया है।