मुख्य तथ्य
शिमला के प्रतिबंधित मालरोड पर शनिवार, 11 जुलाई 2026 को एक अन usual घटना घटी। विदेशी सैलानी तिरंगा झंडा लगे ऑटो रिक्शा में सवार होकर सीधे मालरोड पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोका और समझाने के बाद वापस भेज दिया।
पूरा मामला
शिमला का मालरोड पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, लेकिन यह वाहनों के लिए प्रतिबंधित है। शनिवार दोपहर कुछ विदेशी सैलानी तिरंगा झंडा लगे ऑटो रिक्शा में मालरोड पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें सीटीओ चौक पर रोका और बताया कि यह सील्ड रोड है, जहां वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। सैलानियों को वापस भेज दिया गया।
सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने शिमला पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना किसी रोक-टोक के विदेशी सैलानियों का पहुंचना सुरक्षा चूक माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन को इस मामले में स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।
पर्यटकों के लिए सलाह
- शिमला के मालरोड पर वाहन ले जाना प्रतिबंधित है। पर्यटक केवल पैदल ही यहां घूम सकते हैं।
- ऑटो रिक्शा या अन्य वाहनों को मालरोड के बाहर ही पार्क करें।
- पुलिस के नियमों का पालन करें और किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विदेशी सैलानी मालरोड पर कैसे पहुंचे?
विदेशी सैलानी तिरंगा झंडा लगे ऑटो रिक्शा में सवार होकर शिमला के प्रतिबंधित मालरोड पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें सीटीओ चौक पर रोककर वापस भेज दिया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने सैलानियों को समझाया कि सील्ड रोड पर वाहन चलाने की अनुमति नहीं है और उन्हें सीटीओ चौक से वापस भेज दिया।
इस घटना से क्या सवाल उठे हैं?
इस घटना से शिमला पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं कि कैसे विदेशी सैलानी बिना रोक-टोक के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए।