Desh Duniya | FTA

किसान-मजदूर संगठनों ने अमेरिका के साथ fta वार्ता तुरंत रोकने की मांग की

प्रमुख तथ्य किसानों, मछुआरों, पोल्ट्री व्यापारियों और शराब उत्पादकों सहित कई संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता तुरंत रोकने की मांग की है। इन…

प्रमुख तथ्य

किसानों, मछुआरों, पोल्ट्री व्यापारियों और शराब उत्पादकों सहित कई संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता तुरंत रोकने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित FTA किसानों, मजदूरों और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के हितों के खिलाफ है।

विस्तृत जानकारी

पत्र में कहा गया है कि अमेरिकी दबाव में लिए गए कई नीतिगत निर्णयों ने पहले ही भारत को नुकसान पहुंचाया है। रूस से कच्चे तेल के आयात में कमी ने तेल की कीमतों और मुद्रास्फीति को बढ़ाया, जबकि 2018 में भारत-रूस पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम को रद्द करने से रक्षा क्षमताएं कमजोर हुईं।

संगठनों ने चेतावनी दी कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के भारी सब्सिडी वाले आयात से घरेलू उत्पादन बर्बाद हो जाएगा। भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी कृषि सब्सिडी का विरोध किया है। सब्सिडी वाले आयात की अनुमति देना उस लंबे समय से चली आ रही स्थिति और उन देशों की एकजुटता को कमजोर करेगा जिन्होंने भारत का समर्थन किया था।

पत्र में यह भी कहा गया कि मक्का, पशु चारा, पोल्ट्री फीड, खाद्य तेल और सोयाबीन उत्पादों के आयात ने पहले ही नारियल, मूंगफली, सरसों और अन्य तिलहनों के घरेलू उत्पादन को नुकसान पहुंचाया है।

प्रभाव

शराब और स्पिरिट उद्योग पर प्रभाव की बात करते हुए, पत्र में कहा गया कि आयात शुल्क में किसी भी कमी या वाइन और स्पिरिट के आयात में वृद्धि से महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित होगा। प्रमुख उत्पादक देशों से सस्ते आयात से घरेलू उत्पादकों की बाजार हिस्सेदारी कम हो सकती है और कीमतें गिर सकती हैं।

इस पत्र पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, भारतीय किसान यूनियन (असली), किसान समन्वय समिति, पंजाब किसान मजदूर यूनियन, पोल्ट्री एसोसिएशन, किसान मजदूर महासंघ, हिंद मजदूर संघ और कई अन्य संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • यह मांग भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ चल रही FTA वार्ता के संदर्भ में आई है, जिसमें एक अंतरिम व्यापार समझौता होने की संभावना है।
  • संगठनों ने सभी चल रही FTA वार्ताओं को स्थगित करने और संसदीय एवं सार्वजनिक समीक्षा की मांग की है।
  • उन्होंने व्यापार वार्ताओं में पूर्ण पारदर्शिता और कृषि, खुदरा व्यापार, श्रमिकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुरक्षा की भी मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान संगठनों ने FTA वार्ता रोकने की मांग क्यों की है?

उनका कहना है कि अमेरिकी दबाव में लिए गए निर्णयों से भारत को नुकसान हुआ है और FTA से किसानों, मजदूरों और खाद्य सुरक्षा को खतरा होगा।

इस पत्र में किन संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं?

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, भारतीय किसान यूनियन (असली), किसान समन्वय समिति, पंजाब किसान मजदूर यूनियन, पोल्ट्री एसोसिएशन, किसान मजदूर महासंघ, हिंद मजदूर संघ आदि।

FTA से भारत की शराब उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

आयात शुल्क में कमी से सस्ती विदेशी शराब का आयात बढ़ेगा, जिससे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में घरेलू उत्पादकों को नुकसान होगा।

Follow us on Google News

Explore more

INDIA Bloc Unites Against Delimitation Bill, Congress Chief Sapkal Leads Charge

Key Facts The INDIA bloc, a coalition of opposition parties, has come out strongly against the proposed delimitation bill. State Congress chief…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

डेटा गोपनीयता: आपकी व्यक्तिगत जानकारी और कुकीज़ का उपयोग कैसे होता है?

डेटा गोपनीयता और आपकी सहमति जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो आपकी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि कुकीज़, डिवाइस पहचानकर्ता और…

डेटा गोपनीयता: जानें कैसे वेबसाइटें आपकी जानकारी का उपयोग करती हैं

डेटा गोपनीयता क्या है? डेटा गोपनीयता का अर्थ है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी को कैसे एकत्र, संग्रहीत और उपयोग किया जाता है।…

देश-दुनिया की बड़ी खबरें: 16 जुलाई 2026

प्रमुख समाचार 16 जुलाई 2026 की सुबह की स्कूल असेंबली के लिए यहां प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार प्रस्तुत हैं। अमेरिका का…