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महाड़ में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का हमला, किसान चिंतित

क्या हुआ? कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र के क्यारी पंचायत के महाड़ गांव में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म (Fall Armyworm) के हमले से किसानों में चिंता बढ़ गई है। यह कीट पिछले…

क्या हुआ?

कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र के क्यारी पंचायत के महाड़ गांव में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म (Fall Armyworm) के हमले से किसानों में चिंता बढ़ गई है। यह कीट पिछले डेढ़ सप्ताह से तेजी से फैल रहा है और खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों ने बताया कि वे पीढ़ियों से मक्की की खेती कर रहे हैं, लेकिन इस तरह का कीट उन्होंने पहली बार देखा है।

प्रभावित किसान और विभाग की कार्रवाई

प्रभावित किसानों में मदन लाल, उत्तम सिंह, राकेश कुमार, रवि कुमार, राज सिंह, जुगरी राम और प्रीतम चंद शामिल हैं। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के विकास खंड रैत से कृषि विकास अधिकारी चारू शर्मा और कृषि प्रसार अधिकारी राहुल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया और किसानों को फॉल आर्मी वर्म की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। साथ ही प्रभावित किसानों को आवश्यक दवा भी उपलब्ध करवाई गई।

फसल चक्र अपनाने की सलाह

कृषि अधिकारियों ने किसानों को फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार इस कीट का प्रकोप बना रहे तो वहां एक वर्ष तक मक्की के बजाय दालों या अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करें। इससे कीट का जीवन चक्र टूटेगा और उसका प्रकोप कम होगा। विभाग ने किसानों से नियमित रूप से फसलों की निगरानी करने और कहीं भी फॉल आर्मी वर्म दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करने की अपील की है ताकि समय रहते नियंत्रण उपाय अपनाकर फसल को अधिक नुकसान से बचाया जा सके।

किसानों की प्रतिक्रिया

प्रभावित किसानों ने कृषि विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन उन्होंने चिंता जताई कि यदि कीट का प्रकोप जारी रहा तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। उन्होंने विभाग से और अधिक सहायता और निगरानी की मांग की है।

फॉल आर्मी वर्म: एक जानकारी

फॉल आर्मी वर्म (Spodoptera frugiperda) एक आक्रामक कीट है जो मक्की, गेहूं, चावल, गन्ना और कई अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाता है। यह मूल रूप से अमेरिका का है, लेकिन अब यह दुनिया भर में फैल चुका है। यह कीट तेजी से प्रजनन करता है और फसल की पत्तियों, तनों और भुट्टों को खाकर उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

नियंत्रण के उपाय

  • फसल चक्र: मक्की के बजाय दालें या अन्य फसलें उगाएं।
  • निगरानी: खेतों की नियमित जांच करें और कीट के लक्षण दिखने पर तुरंत कार्रवाई करें।
  • जैविक नियंत्रण: प्राकृतिक शत्रुओं जैसे परजीवी ततैया का उपयोग करें।
  • रासायनिक नियंत्रण: कृषि विभाग की सलाह पर उपयुक्त कीटनाशकों का छिड़काव करें।

FAQ

फॉल आर्मी वर्म क्या है?

फॉल आर्मी वर्म एक आक्रामक कीट है जो मक्की सहित कई फसलों को नुकसान पहुंचाता है। यह तेजी से फैलता है और फसल की पत्तियों व तनों को खाकर उत्पादन को प्रभावित करता है।

इस कीट से फसल को कैसे बचाया जा सकता है?

कृषि विभाग के अनुसार, फसल चक्र अपनाकर, नियमित निगरानी करके और प्रभावित क्षेत्रों में जैविक या रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग करके फॉल आर्मी वर्म को नियंत्रित किया जा सकता है।

किसानों को क्या सलाह दी गई है?

किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल चक्र अपनाएं, मक्की के बजाय दालों जैसी वैकल्पिक फसलें उगाएं और कीट दिखने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें।

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