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पर्यावरण और बौद्ध दृष्टिकोण पर संगोष्ठी, कवियों ने बांधा समां

कार्यक्रम का आयोजन हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर कस्बे में स्थित एक स्कूल में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बौद्ध दृष्टिकोण पर वक्ताओं ने…

कार्यक्रम का आयोजन

हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर कस्बे में स्थित एक स्कूल में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बौद्ध दृष्टिकोण पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के बाद एक कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवि सम्मेलन की झलकियां

कवि सम्मेलन में कवियों ने पर्यावरण, शांति, अध्यात्म और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि हरीराम गुप्त निरपेक्ष ने आत्मचिंतन का संदेश देती कविता सुनाई। संयोजक रेवती कुमार पाठक शेखर ने पर्यावरण पर अपनी रचना प्रस्तुत की। संचालन कर रहे कवि कैलाश सोनी ने पर्यावरण प्रदूषण हटाने और अधिक पौधरोपण का आह्वान किया। अध्यक्ष गणेश सिंह विद्यार्थी ने पृथ्वी को बचाने के लिए पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की।

कवि रामभूषण ने शांति को युद्ध का विकल्प बताया। हरीकिशन सेन ने आध्यात्मिक भटकाव पर रचना सुनाकर सभी का मन मोह लिया। शिक्षक-कवि नीतिराज सिंह की गजल 'सपने बेचे हैं मगर पंख नहीं बेचे हमने' को खूब सराहा गया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षक ऊदल यादव और विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार वर्मा ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और बौद्ध दृष्टिकोण से सतत विकास को समझना था। वक्ताओं ने बताया कि कैसे बौद्ध शिक्षाएं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक हो सकती हैं। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को प्रकृति से जुड़ने और उसकी रक्षा करने का संदेश दिया।

श्रोताओं पर प्रभाव

कवि सम्मेलन में शामिल हुए लोगों ने कवियों की रचनाओं की सराहना की। कई श्रोताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। कार्यक्रम ने सभी को एक नई प्रेरणा दी।

FAQ

यह कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?

हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर कस्बे के एक स्कूल में।

कार्यक्रम में किन विषयों पर चर्चा हुई?

सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और बौद्ध दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श हुआ।

कवि सम्मेलन में किन कवियों ने भाग लिया?

हरीराम गुप्त निरपेक्ष, रेवती कुमार पाठक शेखर, कैलाश सोनी, गणेश सिंह विद्यार्थी, रामभूषण, हरीकिशन सेन, नीतिराज सिंह, ऊदल यादव और अमित कुमार वर्मा।

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