प्रमुख तथ्य
बेंगलुरु और आसपास के जिलों में पिछले एक सप्ताह में तीन बुजुर्ग महिलाओं को लूटपाट का शिकार बनाया गया। सबसे गंभीर मामला चिकबल्लापुर जिले का है, जहां 80 वर्षीया सुब्बम्मा की हमले के बाद मौत हो गई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य मामलों की जांच जारी है।
घटनाओं का विवरण
सुब्बम्मा हत्याकांड (18 जून)
चिकबल्लापुर जिले के गौरीबिदनूर तालुक के बसवनापुरा गांव में गुरुवार (18 जून) को 80 वर्षीया सुब्बम्मा अपनी बेटी के घर अकेली थीं। अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर उन पर हमला किया, उनके कान काटकर बालियां निकाल लीं और फरार हो गए। परिवार के सदस्यों ने लौटकर उन्हें खून से लथपथ पाया और यलहंका के एक अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शनिवार (20 जून) को 20 वर्षीय ऑटोरिक्शा चालक कुमार बी.जी. को गिरफ्तार किया। वह गौरीबिदनूर तालुक के बसवनहल्ली गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने भारी कर्ज ले लिया था और उसे चुकाने के लिए लूट की योजना बनाई।
अमीर बी पर हमला (14 जून)
बेंगलुरु के अशोक नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक घरेलू कामगार अमीर बी पर हमला हुआ। वह जॉनसन मार्केट के पास हुसूर रोड पर बीएमटीसी बस स्टॉप पर खड़ी थीं। एक अज्ञात व्यक्ति ने बातचीत शुरू की और फिर उनकी सोने की बालियां छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने उनके कानों को घायल कर दिया और एक बाली निकालकर भाग गया। चुराई गई बाली का वजन लगभग 5 ग्राम और कीमत ₹50,000 आंकी गई है।
अनुसूयम्मा से लूट (तारीख स्पष्ट नहीं)
62 वर्षीया किसान अनुसूयम्मा के साथ मदनायकनहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अग्रहारपाल्या गांव में उनके घर के बाहर लूट हुई। दो मोटरसाइकिल सवारों ने रास्ता पूछने के बहाने उनसे संपर्क किया। जैसे ही वह मुड़ीं, एक आरोपी ने उनके गले से 70 ग्राम का सोने का हार (कीमत लगभग ₹7 लाख) छीन लिया और फरार हो गया। इस घटना में उनकी गर्दन में चोट आई।
प्रभाव और सुरक्षा चिंताएं
इन घटनाओं ने बुजुर्ग नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधी तेजी से उन बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं जो घर पर या सार्वजनिक स्थानों पर अकेले होते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों से सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर कीमती गहने प्रदर्शित करने से बचने का आग्रह किया है।
इन घटनाओं ने निवासियों में चिंता बढ़ा दी है और कमजोर इलाकों में पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।
पाठकों के लिए सुझाव
- बुजुर्ग अकेले घर पर हों तो दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- सार्वजनिक स्थानों पर कीमती गहने पहनने से बचें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- परिवार के सदस्य बुजुर्गों से नियमित संपर्क में रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
बेंगलुरु में बुजुर्ग महिलाओं पर हमले की घटनाएं कब हुईं?
ये घटनाएं 14 जून से 18 जून 2026 के बीच हुईं। सबसे गंभीर घटना 18 जून को चिकबल्लापुर जिले में हुई।
सुब्बम्मा की हत्या कैसे हुई?
80 वर्षीया सुब्बम्मा अपनी बेटी के घर अकेली थीं। आरोपियों ने घर में घुसकर उन पर हमला किया, उनके कान काटकर बालियां निकाल लीं और फरार हो गए। बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
आरोपी कौन है और उसे कैसे पकड़ा गया?
आरोपी कुमार बी.जी. (20) एक ऑटोरिक्शा चालक है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसे 20 जून को गिरफ्तार किया। उसने कर्ज चुकाने के लिए लूट की योजना बनाई थी।
बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या सलाह दी है?
पुलिस ने बुजुर्गों से सार्वजनिक स्थानों पर कीमती गहने न पहनने और सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठी है।
स्रोत: www.thehindu.com