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एल नीनो का बढ़ता प्रभाव: भारत में सूखा और गर्मी की आशंका, wmo ने जारी की चेतावनी

मुख्य तथ्य विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि प्रशांत महासागर में एल नीनो के मजबूत होने से दुनिया के कई हिस्सों में गर्मी की लहरें, सूखा और भारी बारिश जैसी…

मुख्य तथ्य

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि प्रशांत महासागर में एल नीनो के मजबूत होने से दुनिया के कई हिस्सों में गर्मी की लहरें, सूखा और भारी बारिश जैसी चरम मौसमी घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। भारत के लिए यह खासतौर पर चिंताजनक है क्योंकि एल नीनो का असर मानसून पर पड़ता है।

एल नीनो की वर्तमान स्थिति

एल नीनो, जो जून में शुरू हुआ था, अब तेजी से मजबूत हो रहा है। WMO के अनुसार, जुलाई और सितंबर के बीच यह 'मजबूत' एल नीनो में बदल जाएगा। यह अवधि भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून चल रहा है और एल नीनो का वास्तविक प्रभाव अब दिखना शुरू होगा।

भारत पर संभावित प्रभाव

भारत में एल नीनो का आमतौर पर गर्मी की लहरों और सामान्य से कम वर्षा से संबंध रहा है। इस वर्ष जून में ही भारत ने 126 वर्षों में पांचवां सबसे शुष्क जून अनुभव किया। मानसून की शुरुआत में भी देरी हुई, और देश में अब तक 30% कम बारिश हुई है। जुलाई के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है, जो 280 मिमी के दीर्घकालिक औसत का लगभग 94% होगा।

हिंद महासागर का बढ़ता तापमान

एल नीनो के अलावा, हिंद महासागर का बढ़ता तापमान भी भारत में वर्षा को प्रभावित कर सकता है। WMO ने कहा कि हिंद महासागर और उष्णकटिबंधीय अटलांटिक महासागर में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है, जिससे हिंद महासागर के कुछ हिस्सों, भारतीय उपमहाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है।

WMO की चेतावनी

WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, "एल नीनो की स्थितियां पहले से ही चल रही हैं और तेजी से एक मजबूत घटना में बदलने का पूर्वानुमान है, जैसा कि WMO के पूर्वानुमानों ने सटीक रूप से अनुमान लगाया था। इससे दुनिया के कई क्षेत्रों में सूखे और भारी बारिश की संभावना बढ़ जाएगी, साथ ही भूमि पर गर्मी की लहरों और समुद्री गर्मी की लहरों का खतरा भी बढ़ जाएगा।"

किसानों और आम जनता के लिए सुझाव

  • किसान फसल बुवाई से पहले मौसम के पूर्वानुमान पर ध्यान दें और सूखा-सहनशील किस्मों का चयन करें।
  • जल संरक्षण के उपाय अपनाएं और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें।
  • गर्मी की लहरों से बचने के लिए दिन के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एल नीनो क्या है?

एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे वैश्विक मौसम पैटर्न प्रभावित होता है।

एल नीनो का भारत पर क्या प्रभाव पड़ता है?

एल नीनो आमतौर पर भारत में सामान्य से कम मानसून वर्षा और अधिक गर्मी की लहरों का कारण बनता है, जिससे सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है।

WMO के अनुसार एल नीनो कब तक रहेगा?

WMO के अनुसार, वर्तमान एल नीनो वर्ष के अंत तक बना रहेगा और सितंबर तक यह मजबूत हो जाएगा।

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