ED का बड़ा एक्शन: मदन मित्रा से जुड़े ठिकानों पर छापे
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े कम से कम सात ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में नगर निगम भर्ती में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई। एक ED अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई यह छापेमारी लगभग एक साथ सभी स्थानों पर की गई।
कहां-कहां हुई छापेमारी?
छापेमारी में पूर्व मंत्री के दक्षिण कोलकाता के भबानीपुर स्थित आवास के अलावा बेलघरिया, दक्षिणेश्वर और संतोषपुर सहित अन्य स्थान शामिल हैं। ED अधिकारी ने कहा, 'ED टीमों ने नगर निगम भर्ती घोटाले में मित्रा से जुड़े सात ठिकानों की तलाशी ली। जांच जारी है।'
मामले की पृष्ठभूमि
ED राज्य में स्कूल भर्ती मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा था, तभी मार्च 2023 में उसे नगर निगम भर्ती में अनियमितताओं की जानकारी मिली। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले सरकारी स्कूलों में अनियमितताओं की जांच CBI को सौंपी थी। CBI ने अप्रैल 2023 में हाईकोर्ट को नगर निगम भर्ती में अनियमितताओं की जानकारी दी, जिसके बाद कोर्ट ने CBI को जांच का आदेश दिया। ED ने CBI की FIR के आधार पर समानांतर जांच शुरू की।
CBI की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
जुलाई 2024 में CBI ने कलकत्ता हाईकोर्ट को बताया कि 2014 से 17 नगर निगमों में 1,800 से अधिक नियुक्तियों में अनियमितताएं पाई गई हैं। CBI ने कहा कि राज्य के 121 नगर निगमों में कम से कम 3,650 भर्तियां मजदूर, सफाईकर्मी, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, पंप ऑपरेटर और ड्राइवर जैसे पदों पर की गईं। सबसे अधिक अनियमितताएं साउथ दमदम (329), कामरहाटी (303), बारानगर (276), टीटागढ़ (221), कृष्णानगर (200) और राणाघाट (101) में पाई गईं। मित्रा कामरहाटी से दो बार के विधायक हैं।
मदन मित्रा पर क्या हैं आरोप?
ED अधिकारी के अनुसार, 'जांच में पता चला है कि मित्रा ने विभिन्न नगर निगमों में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए बिचौलियों के माध्यम से नकद और सोना घूस के रूप में लिया। मदन मित्रा 125 से अधिक ऐसी अवैध नियुक्तियों से जुड़े हैं। आगे की जांच जारी है।'
FAQ
ED ने मदन मित्रा से जुड़े कितने ठिकानों पर छापेमारी की?
ED ने मदन मित्रा से जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता के भबानीपुर, बेलघरिया, दक्षिणेश्वर और संतोषपुर शामिल हैं।
यह छापेमारी किस मामले में हुई?
यह छापेमारी पश्चिम बंगाल में नगर निगम भर्ती में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई।
मदन मित्रा पर क्या आरोप हैं?
जांच में पता चला है कि मित्रा ने अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए बिचौलियों के माध्यम से नकद और सोना घूस के रूप में लिया। वह 125 से अधिक अवैध नियुक्तियों से जुड़े हैं।
इस मामले में CBI की भूमिका क्या है?
कलकत्ता हाईकोर्ट ने CBI को नगर निगम भर्ती में अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया था। CBI ने 2014 से 17 निकायों में 1,800 से अधिक अनियमित नियुक्तियां पाईं।