प्रमुख तथ्य
ताडेपल्ली के मेडस्टार हॉस्पिटल्स के पल्मोनरी मेडिसिन और इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने एक 51 वर्षीय थायरॉइड कैंसर रोगी की जान बचाने के लिए ECMO-असिस्टेड ट्रेकिअल स्टेंटिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
विस्तार से जानकारी
मेडस्टार हॉस्पिटल द्वारा मंगलवार (16 जून, 2026) को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रोगी ने पहले किसी अन्य अस्पताल में आपातकालीन ट्रेकियोस्टॉमी करवाई थी। हालांकि, ट्रेकियोस्टॉमी साइट के नीचे श्वासनली में गंभीर संकुचन के कारण सांस लेने में तकलीफ बढ़ती गई।
अपर्याप्त ऑक्सीजन के कारण हाइपोक्सिक दौरे पड़ने के बाद, रोगी उन्नत उपचार के लिए मेडस्टार हॉस्पिटल्स पहुंचा। यहां डॉक्टरों द्वारा की गई ब्रोंकोस्कोपिक जांच में वोकल कॉर्ड्स में गंभीर सूजन (एडिमा) के कारण लगभग पूर्ण रुकावट का पता चला, जिससे केवल पिनहोल के आकार का वायुमार्ग बचा था। इसके अलावा, ट्रेकियोस्टॉमी खंड लगभग पूरी तरह से अवरुद्ध पाया गया।
प्रक्रिया और प्रभाव
ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब को हटाने पर वायुमार्ग के पूरी तरह से ढहने के अत्यधिक जोखिम को देखते हुए, चिकित्सा टीम ने हस्तक्षेप से पहले एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) सपोर्ट शुरू करने का निर्णय लिया। ECMO सपोर्ट पर रोगी को स्थिर करने के बाद, ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब को हटा दिया गया और डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक एक ट्रेकिअल स्टेंट लगाकर वायुमार्ग को बहाल कर दिया।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रोगी को ऑपरेटिंग थिएटर में ही ECMO से सफलतापूर्वक हटा दिया गया। पल्मोनरी मेडिसिन और इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी के प्रमुख डॉ. साई तेजा पविराला ने बताया कि रोगी वर्तमान में अच्छी तरह से ठीक हो रहा है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- ECMO एक जीवन-रक्षक तकनीक है जो गंभीर श्वसन या हृदय विफलता में रक्त को ऑक्सीजन प्रदान करती है।
- ट्रेकिअल स्टेंटिंग का उपयोग श्वासनली में संकुचन या रुकावट के इलाज के लिए किया जाता है।
- थायरॉइड कैंसर के मरीजों में वायुमार्ग में रुकावट एक गंभीर जटिलता हो सकती है, जिसके लिए ऐसी उन्नत प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
ECMO क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है?
ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) एक जीवन-रक्षक तकनीक है जो फेफड़ों और हृदय को आराम देने के लिए रक्त को शरीर के बाहर ऑक्सीजन प्रदान करती है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब वायुमार्ग में गंभीर रुकावट हो और सामान्य वेंटिलेशन संभव न हो।
ट्रेकिअल स्टेंटिंग क्या है?
ट्रेकिअल स्टेंटिंग एक प्रक्रिया है जिसमें श्वासनली (ट्रेकिआ) में एक छोटी ट्यूब (स्टेंट) रखी जाती है ताकि संकुचित या अवरुद्ध वायुमार्ग को खोला जा सके और सांस लेने में सुधार हो सके।
इस प्रक्रिया में ECMO का उपयोग क्यों किया गया?
मरीज के वोकल कॉर्ड्स में गंभीर सूजन और ट्रेकियोस्टॉमी साइट के नीचे संकुचन के कारण वायुमार्ग लगभग पूरी तरह से बंद हो गया था। ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब को हटाने पर वायुमार्ग पूरी तरह से ढहने का उच्च जोखिम था, इसलिए ECMO ने प्रक्रिया के दौरान ऑक्सीजनेशन सुनिश्चित किया।
स्रोत: www.thehindu.com