पौथिया में पेयजल संकट
हमीरपुर जिले के पौथिया गांव में बुधवार रात नलकूप की मोटर फुंक जाने से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को हैंडपंप से पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह समस्या पिछले 42 दिनों में दूसरी बार आई है, जिससे स्थानीय निवासियों में रोष है।
ग्रामीणों की शिकायत
ग्रामीण नत्थू शिवहरे ने बताया कि 27 जून को भी नलकूप की मोटर खराब हो गई थी, जिससे करीब तीन दिन तक जलापूर्ति बंद रही। उस समय ग्राम प्रधान ने कुछ मोहल्लों में टैंकर से पानी की व्यवस्था कराई थी। अब फिर से मोटर फुंकने से गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। गणेश गुप्ता, बिंदपाल प्रजापति, विमलेश यादव, नईम खान, रामसिंह यादव, बीर सिंह यादव, मलखान यादव सहित कई ग्रामीणों ने जल संस्थान के अधिकारियों से नई मोटर लगाकर जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
अधिकारियों का रवैया
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी समस्या के स्थायी समाधान की बजाय हर बार पुरानी मोटर की मरम्मत कराकर काम चला देते हैं। इससे बार-बार खराबी आती है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
मरम्मत के प्रयास
नलकूप ऑपरेटर आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मोटर फुंक गई है और उसे निकलवाकर मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शुक्रवार तक जलापूर्ति बहाल हो जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों को इस पर भरोसा नहीं है क्योंकि पिछली बार भी मरम्मत के बाद जल्द ही मोटर फिर खराब हो गई थी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जल विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी मोटरों की बार-बार मरम्मत करने के बजाय नई मोटर लगाना अधिक किफायती और विश्वसनीय होता है। इससे न केवल पानी की आपूर्ति सुचारू रहेगी, बल्कि बिजली की खपत भी कम होगी।
निष्कर्ष
पौथिया गांव में पेयजल संकट ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। प्रशासन को चाहिए कि वह अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान पर ध्यान दे, ताकि ग्रामीणों को बार-बार पानी की किल्लत न झेलनी पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- पौथिया गांव में पेयजल संकट क्यों हुआ? नलकूप की मोटर फुंक जाने से जलापूर्ति ठप हो गई, जिससे ग्रामीणों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा।
- यह समस्या कितनी बार हो चुकी है? 42 दिनों में यह दूसरी बार है। 27 जून को भी मोटर खराब हुई थी, जिससे तीन दिन जलापूर्ति बंद रही।
- प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है? नलकूप ऑपरेटर ने बताया कि मोटर को मरम्मत के लिए भेजा गया है और शुक्रवार तक जलापूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।