Desh Duniya | एफएम रेडियो

सरकार ने टेलीविजन और रेडियो प्रसारण के लिए नए नियमों का मसौदा जारी किया

मुख्य बातें केंद्र सरकार ने टेलीविजन और रेडियो प्रसारण सेवाओं के लिए नए दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है। ये नियम नवनिर्मित दूरसंचार अधिनियम,…

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने टेलीविजन और रेडियो प्रसारण सेवाओं के लिए नए दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है। ये नियम नवनिर्मित दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत तैयार किए गए हैं और पुराने टेलीग्राफ अधिनियम के तहत जारी विभिन्न दिशानिर्देशों को समेकित करेंगे।

विस्तृत जानकारी

सूचना और प्रसारण मंत्रालय इन नियमों का प्रशासन करेगा। मसौदे में मौजूदा शर्तों को सरल और समरूप बनाया गया है ताकि निरंतरता बनी रहे और सुधारों को बढ़ावा मिले। प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:

  • प्राधिकरण प्रक्रिया का डिजिटल कार्यान्वयन
  • सरलीकृत प्राधिकरण प्रक्रियाएं
  • अनुदान पत्र (जीओपीए) पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता समाप्त
  • पारदर्शी निर्णयन तंत्र

मसौदे में निम्नलिखित दिशानिर्देशों को शामिल किया गया है:

  • सैटेलाइट टीवी चैनलों के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग (9 नवंबर 2022)
  • डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) सेवा लाइसेंस (15 मार्च 2001, संशोधित)
  • हेडएंड-इन-द-स्काई (एचआईटीएस) सेवा (26 नवंबर 2009)
  • एफएम रेडियो सेवा विस्तार (चरण III, 25 जुलाई 2011, 10 सितंबर 2024 तक संशोधित)
  • सामुदायिक रेडियो स्टेशन (13 फरवरी 2024)
  • इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (आईपीटीवी) सेवा (8 सितंबर 2008)

प्रभाव और महत्व

मंत्रालय के अनुसार, इन नियमों से उद्योग को एक एकीकृत और सरल नियम पुस्तिका मिलेगी, जो मौजूदा शासन को सरल और समरूप बनाएगी तथा टेलीविजन और रेडियो प्रसारण क्षेत्र में कारोबार करना आसान बनाएगी। एक बार अधिसूचित होने के बाद, ये नियम प्रसारण सेवाओं को नियंत्रित करने वाले विभिन्न मौजूदा दिशानिर्देशों की जगह लेंगे।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए उपलब्ध है, जिसमें हितधारक अपनी राय दे सकते हैं। इससे प्रसारण क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए मसौदा नियमों का उद्देश्य क्या है?

इन नियमों का उद्देश्य टेलीविजन और रेडियो प्रसारण क्षेत्र में मौजूदा विभिन्न दिशानिर्देशों को एकीकृत कर एक सरल और समान नियामक ढांचा तैयार करना है, जिससे कारोबार करना आसान हो सके।

इन नियमों के तहत किन सेवाओं को शामिल किया गया है?

इसमें सैटेलाइट टीवी चैनलों के अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग, डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच), हेडएंड-इन-द-स्काई (एचआईटीएस), एफएम रेडियो, सामुदायिक रेडियो और इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (आईपीटीवी) सेवाएं शामिल हैं।

ये नियम कब लागू होंगे?

ये नियम सार्वजनिक परामर्श के बाद अधिसूचित होने पर लागू होंगे और मौजूदा दिशानिर्देशों की जगह लेंगे।

क्या इन नियमों से छोटे प्रसारकों को लाभ होगा?

हां, सरल प्रक्रियाओं और डिजिटल कार्यान्वयन से छोटे प्रसारकों के लिए भी अनुपालन आसान होगा।

Follow us on Google News

Explore more

Brics देशों ने अपनाया समावेशी शहरी विकास घोषणापत्र

मुख्य बातें 13वें BRICS शहरीकरण मंच के समापन पर सदस्य देशों ने एक घोषणापत्र अपनाया, जो समावेशी, लचीला और जन-केंद्रित शहरी विकास…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

Supreme Court: Sex Selection Reflects Deep-Seated Patriarchal Preferences

Key Facts The Supreme Court of India has observed that although the country’s child sex ratio has shown clear signs of improvement,…

रेलवे सुरक्षा बल ने गुरुवायुर-चेन्नई एक्सप्रेस से 2.5 करोड़ के सोने की चोरी में आठ गिरफ्तार किए

प्रमुख तथ्य रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और तमिलनाडु सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने संयुक्त अभियान में गुरुवायुर-चेन्नई एक्सप्रेस से 1,473.97 ग्राम सोने…

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: कांग्रेस ने विधायकों को रिसॉर्ट में रखने की योजना बनाई

मुख्य तथ्य कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु के…