तीन साल के इंतजार के बाद रिलीज हुई 'सतलुज'
दिलजीत दोसांझ की लंबे समय से प्रतीक्षित फिल्म 'सतलुज' (पूर्व में 'पंजाब '95') का डिजिटल प्रीमियर शुक्रवार को Zee5 पर हुआ। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है और तीन साल से अधिक समय से विवादों में घिरी रही है।
फिल्म का सफर: विवाद और बदलाव
हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित और रॉनी स्क्रूवाला द्वारा निर्मित इस फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। 2022 में जब फिल्म को सेंसर बोर्ड को प्रस्तुत किया गया, तो CBFC ने 120 कट्स लगाने और शीर्षक पर आपत्ति जताई। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के हस्तक्षेप के बाद कट्स में ढील दी गई, लेकिन शीर्षक बदलने का आदेश दिया गया। इस तरह फिल्म का नाम 'घलूघारा' से 'पंजाब '95' और अंततः 'सतलुज' हुआ।
TIFF से हटने का विवाद
2023 में फिल्म को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में विश्व प्रीमियर के लिए चुना गया था, लेकिन प्रीमियर से एक दिन पहले इसे लाइनअप से हटा दिया गया। वैराइटी की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे 'राजनीतिक ताकतें' बताई गईं, क्योंकि कनाडा में भारत के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सिख आबादी है। हालांकि, त्योहार आयोजकों ने इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया।
फिल्म की कहानी: जसवंत सिंह खालरा की विरासत
फिल्म 'सतलुज' जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में सिख युवाओं की फर्जी मुठभेड़ों और सामूहिक अंतिम संस्कारों का खुलासा किया। 1995 में वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए और 2005 में चार पुलिस अधिकारियों को उनके अपहरण और हत्या के लिए गिरफ्तार किया गया। 2007 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी सात साल की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
कलाकार और निर्माण
फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, सुरिंदर विक्की, वरुण बडोला और गीतिका विद्या ओहलान मुख्य भूमिकाओं में हैं। Zee5 ने फिल्म की रिलीज की घोषणा करते हुए लिखा, "कुछ कहानियां दबी नहीं रहतीं। 'सतलुज' अब केवल Zee5 पर स्ट्रीम हो रही है।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- सवाल: क्या है फिल्म 'सतलुज' की कहानी?
जवाब: फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब पुलिस द्वारा सिख युवाओं की फर्जी मुठभेड़ों का खुलासा किया था। 1995 में वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए और बाद में चार पुलिस अधिकारियों को उनके अपहरण और हत्या के लिए गिरफ्तार किया गया। - सवाल: फिल्म का नाम क्यों बदला गया?
जवाब: फिल्म को पहले 'घलूघारा' और फिर 'पंजाब '95' नाम दिया गया था, लेकिन CBFC ने 120 कट्स और शीर्षक पर आपत्ति जताई। SGPC के हस्तक्षेप के बाद कट्स में ढील दी गई, लेकिन शीर्षक बदलने का आदेश दिया गया, जिसके बाद इसे 'सतलुज' नाम दिया गया। - सवाल: फिल्म को रिलीज होने में इतनी देरी क्यों हुई?
जवाब: फिल्म को CBFC से मंजूरी में कठिनाई हुई, जिसमें 120 कट्स और शीर्षक बदलने की मांग शामिल थी। इसके अलावा, 2023 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से प्रीमियर से एक दिन पहले हटा दिया गया था, जिसके पीछे राजनीतिक कारण बताए गए।
स्रोत: www.hindustantimes.com