मुख्य तथ्य
धारवाड़ जिला न्यायालय को शुक्रवार को फोन के जरिए बम की धमकी मिली। पुलिस ने तलाशी के बाद इसे फर्जी करार दिया। यह पिछले छह महीने में तीसरी बार है जब न्यायालय को ऐसी धमकी मिली है।
पूरी घटना
पुलिस के अनुसार, जिला न्यायालय के प्रशासनिक कार्यालय में एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर बम रखे होने की सूचना दी। कॉलर ने धमकी दी कि कोर्ट परिसर में कई जगहों पर बम रखे गए हैं और कभी भी विस्फोट हो सकता है।
धमकी मिलते ही कोर्ट स्टाफ ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत जजों, वकीलों, कोर्ट स्टाफ और मुकदमेबाजों को परिसर से बाहर निकाला। डॉग स्क्वॉड की मदद से गहन तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
पिछली घटनाएं
इससे पहले जनवरी में कर्नाटक उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ और गडग तथा बागलकोट जिला न्यायालयों को ईमेल से बम की धमकी मिली थी, जो फर्जी निकली। फरवरी में फिर से उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ और जिला न्यायालय को ईमेल से धमकी मिली थी, जो भी फर्जी थी।
जांच जारी
पुलिस ने कॉल का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं और मामले की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या धारवाड़ जिला न्यायालय में बम मिला?
नहीं, तलाशी के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और यह धमकी फर्जी निकली।
पहले भी ऐसी धमकियां मिली हैं?
हां, जनवरी और फरवरी में भी ईमेल के जरिए धमकियां मिली थीं, जो फर्जी निकलीं।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने कोर्ट परिसर खाली कराया, डॉग स्क्वॉड से तलाशी ली और कॉल की जांच शुरू कर दी है।