कंप्यूटर खराब होने से अस्पताल में अफरा-तफरी
धर्मशाला के क्षेत्रीय अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी पर्ची काउंटर का एक कंप्यूटर खराब हो गया, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। केवल दो कंप्यूटरों से पर्चियां बनने के कारण अस्पताल में लंबी कतारें लग गईं।
लंबी लाइनों में खड़े रहे मरीज
सुबह से ही अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीज पर्ची काउंटर से लेकर आंखों की ओपीडी तक लाइनों में खड़े नजर आए। बिलिंग काउंटर पर भी केवल एक कर्मचारी तैनात होने के कारण जांच और अन्य सेवाओं के बिल बनाने के लिए भी लंबी लाइनें लगी रहीं।
स्टाफ की कमी बनी बड़ी वजह
मरीजों के अनुपात में कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाने के कारण ओपीडी, बिलिंग और अन्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। कई मरीजों ने शिकायत की कि इलाज से पहले पर्ची और बिल बनवाने में ही काफी समय निकल जाता है। शुक्रवार को धर्मशाला अस्पताल में लगभग 800 मरीजों की ओपीडी रही और 200 से अधिक मरीजों के बिल बनाए गए।
अस्पताल प्रशासन का बयान
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने बताया, 'यह समस्या स्टाफ की कमी के कारण आई है। खराब कंप्यूटर को ठीक करवा दिया गया है। सरकार को रिक्त पदों के बारे में समय-समय पर अवगत करवाया जा रहा है।'
मरीजों ने सरकार से की मांग
मरीजों और तीमारदारों ने सरकार से मांग की है कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धर्मशाला अस्पताल में कंप्यूटर खराब होने से क्या हुआ?
शुक्रवार को पर्ची काउंटर का एक कंप्यूटर खराब हो गया, जिससे केवल दो कंप्यूटरों से काम चलाना पड़ा और मरीजों की लंबी कतारें लग गईं।
अस्पताल प्रशासन ने इस समस्या पर क्या कहा?
एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण ऐसी समस्या आई है। खराब कंप्यूटर को ठीक कर दिया गया है और सरकार को रिक्त पदों के बारे में सूचित किया जा रहा है।
उस दिन कितने मरीजों ने ओपीडी का लाभ लिया?
शुक्रवार को लगभग 800 मरीज ओपीडी में आए और 200 से अधिक मरीजों के बिल बनाए गए।