धुंध ने घेरी पर्यटन नगरी
धर्मशाला, कांगड़ा जिले की प्रमुख पर्यटन नगरी, शनिवार शाम को घनी धुंध की चपेट में रही। शुक्रवार रात को हुई बारिश के बाद शहर के ऊपरी क्षेत्रों में अचानक धुंध छा गई, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। धौलाधार पर्वत श्रृंखला पूरी तरह से ओझल रही, जबकि बादलों और कोहरे के बीच शहर का नजारा आकर्षक दिखा।
यातायात प्रभावित
कम विजिबिलिटी के कारण धर्मशाला, मैक्लोडगंज, भागसूनाग, नड्डी और आसपास के पहाड़ी मार्गों पर वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। संकरे और घुमावदार रास्तों पर दुर्घटनाओं से बचने के लिए चालकों ने अतिरिक्त सावधानी बरती।
मौसम में बदलाव से राहत
धुंध और बर्फीली पहाड़ियों से आ रही ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के बाद तापमान गिरने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को पिछले दिनों की उमस और गर्मी से राहत मिली। शनिवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पर्यटकों के लिए आकर्षण
धुंध से घिरे देवदार के जंगल पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे। कई पर्यटकों ने इस मनमोहक मौसम में तस्वीरें और वीडियो लेकर सोशल मीडिया पर साझा किए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धर्मशाला में धुंध कब छाई?
शनिवार शाम को धर्मशाला में घनी धुंध छाई, जो शुक्रवार रात की बारिश के बाद हुई।
धुंध का यातायात पर क्या असर हुआ?
विजिबिलिटी कम होने से वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, खासकर पहाड़ी मार्गों पर।
धर्मशाला का तापमान कितना रहा?
शनिवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।