मुख्य तथ्य
मैसूर में 13 और 14 जून को दो दिवसीय देशी बीज उत्सव 'देशी बीजोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन नंजराजा बहादुर चौल्ट्री में होगा, जिसमें 50 से अधिक बीज संरक्षक और सामुदायिक बीज बैंकों के सदस्य भाग लेंगे।
उत्सव का उद्देश्य और विवरण
इस उत्सव का उद्देश्य देशी और पारंपरिक बीज किस्मों को लोकप्रिय बनाना और संरक्षित करना है। आयोजकों के अनुसार, पारंपरिक फसल किस्में अपने अनूठे स्वाद, विविधता और कीट एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती हैं, लेकिन उच्च उपज देने वाली आधुनिक किस्मों के प्रसार के कारण ये लुप्त हो रही हैं। इस उत्सव में 1,000 से अधिक देशी बीज, कंद, पत्तेदार सब्जियां और दुर्लभ फल प्रदर्शित किए जाएंगे।
प्रमुख कार्यक्रम और गतिविधियाँ
- शनिवार, 13 जून: दोपहर 2:30 बजे बांस की खेती पर जागरूकता कार्यक्रम, जिसमें दावणगेरे के ज़बिउल्ला बांस की खेती और विपणन पर जानकारी साझा करेंगे।
- रविवार, 14 जून: दोपहर 12 बजे 'बीज संरक्षण और जैविक बीज उत्पादन' पर किसान प्रशिक्षण, जिसमें शिवमोग्गा के कृषि विश्वविद्यालय के बीज विशेषज्ञ उल्लास एम.वाई. और सहजा सीड्स के केशवमूर्ति प्रशिक्षण देंगे। शाम 4 बजे बीज विनिमय कार्यक्रम होगा।
प्रदर्शनी और बिक्री
उत्सव में शंकरा रेड जैकफ्रूट, जूस बेल, हिप्पू जामुन और बटर फ्रूट (एवोकाडो) जैसी लोकप्रिय फल किस्मों के पौधे उपलब्ध होंगे। सस्यधामा नर्सरी और बेलुवाला थोटा फलों के पौधे बेचेंगे। देशी बीज उत्पादक कंपनी रागी, धान, मिलेट्स, दालें और सब्जियों के पारंपरिक बीज बेचेगी। कुंडगोल की महिला समूह पारंपरिक ज्वार की किस्मों से बने आटे का प्रदर्शन करेगी।
उद्घाटन और विशेष अतिथि
कर्नाटक जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष वडनाल जगदीश उत्सव का उद्घाटन करेंगे। डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स एम.जे. गोवर्धन सिंह और बीज संरक्षक सिद्दनहुंडी श्रीनिवासमूर्ति भी उपस्थित रहेंगे।
आगंतुकों के लिए जानकारी
उत्सव दोनों दिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। अधिक जानकारी के लिए सचिन से 9008603222 पर संपर्क किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देशी बीजोत्सव कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
यह दो दिवसीय उत्सव 13 और 14 जून को मैसूर के नंजराजा बहादुर चौल्ट्री में आयोजित किया जा रहा है।
इस उत्सव में क्या विशेष होगा?
1000 से अधिक देशी बीज, कंद, पत्तेदार सब्जियां और दुर्लभ फल प्रदर्शित होंगे। बीज उपचार, मृदा संरक्षण और जैविक खाद निर्माण पर प्रदर्शन होंगे।
क्या किसानों के लिए कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम है?
हाँ, रविवार दोपहर 12 बजे 'बीज संरक्षण और जैविक बीज उत्पादन' पर प्रशिक्षण होगा, जिसमें उल्लास एम.वाई. और केशवमूर्ति प्रशिक्षण देंगे।
बीज विनिमय कार्यक्रम कब होगा?
रविवार शाम 4 बजे बीज विनिमय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें किसान और शहरी निवासी अतिरिक्त बीज, कंद और पौधों का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
स्रोत: www.thehindu.com