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भारत में डेंगू वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण में 8,000 प्रतिभागी शामिल

प्रमुख तथ्य भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और पैनासिया बायोटेक लिमिटेड द्वारा डेंगू वैक्सीन के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में लगभग 8,000 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। यह संख्या 10,000 के लक्ष्य का 80%…

प्रमुख तथ्य

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और पैनासिया बायोटेक लिमिटेड द्वारा डेंगू वैक्सीन के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में लगभग 8,000 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। यह संख्या 10,000 के लक्ष्य का 80% है। यह जानकारी ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी, चेन्नई के निदेशक डॉ. मनोज मुर्हेकर ने दी।

परीक्षण का विवरण

यह परीक्षण देशभर के 20 केंद्रों पर चल रहा है, जिनमें चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और दिल्ली शामिल हैं। प्रतिभागियों की दो साल तक निगरानी की जाएगी। इस परीक्षण का प्राथमिक वित्तपोषण ICMR कर रहा है, जबकि पैनासिया बायोटेक आंशिक सहायता प्रदान कर रहा है।

वैक्सीन की विशेषताएँ

यह वैक्सीन, जिसे डेंगीऑल (DengiAll) नाम दिया गया है, चारों डेंगू सीरोटाइप (DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4) पर प्रभावी होने के लिए डिज़ाइन की गई है। डॉ. मुर्हेकर ने कहा, "भारत में सभी चार सीरोटाइप प्रसारित होते हैं, इसलिए एक प्रभावी वैक्सीन का होना आवश्यक है।"

यह वैक्सीन स्ट्रेन TV003/TV005 पर आधारित है, जिसे मूल रूप से अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने विकसित किया था। पैनासिया बायोटेक उन तीन भारतीय कंपनियों में से एक है जिन्हें यह स्ट्रेन प्राप्त हुआ, और वह वैक्सीन विकास के सबसे उन्नत चरण में है। कंपनी ने इस स्ट्रेन पर व्यापक कार्य किया है और इसके लिए प्रक्रिया पेटेंट भी प्राप्त किया है।

पिछले परीक्षणों के परिणाम

पहले और दूसरे चरण के नैदानिक परीक्षण 2018-19 में पूरे हुए और उन्होंने उत्साहजनक परिणाम दिए। तीसरे चरण का पहला प्रतिभागी पिछले साल पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक में टीका लगाया गया था।

डेंगू का प्रभाव

डेंगू भारत में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है। भारत उन शीर्ष 30 देशों में शामिल है जहाँ डेंगू का सबसे अधिक प्रकोप है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2023 के अंत तक 129 से अधिक देशों में डेंगू वायरल रोग की सूचना मिली थी।

भारत में लगभग 75-80% संक्रमण लक्षणहीन होते हैं, फिर भी ये व्यक्ति एडीज मच्छरों के काटने से संक्रमण फैला सकते हैं। 20-25% मामलों में जहाँ लक्षण स्पष्ट होते हैं, बच्चों में अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु का जोखिम अधिक होता है। वयस्कों में यह बीमारी डेंगू रक्तस्रावी बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम जैसी गंभीर स्थितियों में बदल सकती है।

FAQ

डेंगू वैक्सीन का तीसरा चरण का परीक्षण कहाँ हो रहा है?

यह परीक्षण देशभर के 20 केंद्रों पर चल रहा है, जिनमें चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और दिल्ली शामिल हैं।

डेंगू वैक्सीन कितने सीरोटाइप पर प्रभावी होगी?

यह वैक्सीन चारों सीरोटाइप (DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4) पर प्रभावी होने के लिए डिज़ाइन की गई है।

डेंगू वैक्सीन के पिछले चरणों के परिणाम क्या थे?

पहले और दूसरे चरण के परीक्षण 2018-19 में पूरे हुए और उन्होंने उत्साहजनक परिणाम दिए।

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