दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में भीषण आग
दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाके में शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार, आग ने इमारत को इस कदर अपनी चपेट में ले लिया कि अंदर फंसे लोगों के लिए बचना मुश्किल हो गया।
प्रमुख तथ्य
- घटना का समय और स्थान: शुक्रवार 13 जून 2026 को तड़के 2:30 बजे, तुगलकाबाद एक्सटेंशन, गली नंबर 1।
- मृतक: सुशीला देवी (70), पंकज पांडेय (28), सोनी (20) — तीनों एक ही परिवार के सदस्य।
- घायल: मणि (18) और 50 वर्षीय महिला (नाम अज्ञात) गंभीर रूप से झुलसी, सफदरजंग और एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती।
- इमारत में 10 फ्लैट थे, प्रति मंजिल दो फ्लैट, और बेसमेंट में प्लास्टिक का गोदाम था।
- कोई फायर एग्जिट, वेंटिलेशन या अग्निशमन उपकरण नहीं था; छत पर ताला लगा था।
आग कैसे लगी?
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग ग्राउंड फ्लोर पर इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट से लगने का संदेह है। आग ने सात खड़े दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिनमें एक इलेक्ट्रिक स्कूटर भी शामिल था जो कथित तौर पर चार्ज हो रहा था। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह प्रारंभिक आकलन है और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सटीक कारण पता चल पाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आग इलेक्ट्रिक स्कूटर से शुरू हुई प्रतीत होती है।
इमारत की सुरक्षा खामियां
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इमारत में बचने का कोई रास्ता नहीं था। 100 वर्ग गज (900 वर्ग फुट) के प्लॉट पर 10 फ्लैट बनाए गए थे। छत पर ताला लगा था, कोई फायर एग्जिट नहीं था, और कोई अग्निशमन उपकरण नहीं था। बेसमेंट में प्लास्टिक का गोदाम होने से आग और तेजी से फैली। दिल्ली में स्टैंडअलोन रिहायशी इमारतें पांच मंजिल से अधिक नहीं हो सकतीं, लेकिन यह इमारत अवैध रूप से पांच मंजिला थी और अनियमित/नियमित कॉलोनी में स्थित थी।
पड़ोसियों ने दिखाई बहादुरी
इस हादसे में मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता था, लेकिन पड़ोसियों की सूझबूझ से कई लोग बच गए। रेनू भूटानी (45) और उनके बेटे ने दो लकड़ी की सीढ़ियों को जोड़कर छत पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर दो लड़कियों को बचाया। पंकज और उनका परिवार चौथी मंजिल की बालकनी पर थे और करीब 40 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन आखिरकार दम तोड़ दिया।
हाल के हादसों की श्रृंखला
यह आग दिल्ली में दो सप्ताह के भीतर तीसरी बड़ी इमारत सुरक्षा विफलता है। 30 मई को सैदुलाजाब में एक इमारत ढह गई थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे। 3 जून को हौज रानी में एक बेड-एंड-ब्रेकफास्ट में आग लगने से 23 लोगों की मौत हो गई थी। इन तीनों हादसों में कुल 32 लोगों की जान गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई
गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) और 287 (आग से संबंधित लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर शोक व्यक्त किया और राहत कार्यों की जानकारी दी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तुगलकाबाद आग में कितने लोगों की मौत हुई?
इस आग में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
आग लगने का कारण क्या था?
प्रारंभिक जांच में आग ग्राउंड फ्लोर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर में शॉर्ट सर्किट से लगने का संदेह है। हालांकि, फॉरेंसिक जांच के बाद ही सटीक कारण पता चल पाएगा।
इमारत में क्या सुरक्षा खामियां थीं?
इमारत में कोई फायर एग्जिट, वेंटिलेशन या अग्निशमन उपकरण नहीं थे। छत पर ताला लगा हुआ था और बेसमेंट में प्लास्टिक का गोदाम था।
पीड़ित परिवार की पहचान क्या है?
मृतकों में 70 वर्षीय सुशीला देवी, उनके पोते पंकज पांडेय (28) और पोती सोनी (20) शामिल हैं। दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलसी हैं।