प्रमुख तथ्य
दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में शुक्रवार तड़के एक पांच मंजिला आवासीय भवन में आग लग गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। आग की सूचना सुबह करीब 2:03 बजे मिली थी। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
घटना का विवरण
आग ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में लगी और तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इमारत में वेंटिलेशन की कमी के कारण धुआं अंदर ही फंस गया, जिससे रेस्क्यू मुश्किल हो गया। फायर ब्रिगेड ने करीब 3:45 बजे आग पर काबू पाया और सुबह 4 बजे तक इसे पूरी तरह बुझा दिया गया।
स्थानीय लोगों का बचाव अभियान
आग लगने के तुरंत बाद आसपास के लोग बचाव में जुट गए। 45 वर्षीय रेनू भूटानी ने बताया कि वह और उनका बेटा दो लकड़ी की सीढ़ियों को जोड़कर छत पर चढ़े। उन्होंने छत पर पानी की टंकी फोड़कर पानी बहाया ताकि धुआं कम हो। उन्होंने चौथी मंजिल से दो लड़कियों और तीसरी मंजिल से एक जोड़े को बचाया। दूसरी मंजिल पर फंसी दो लड़कियों के लिए उन्होंने साड़ी फेंकी, जिससे वे बालकनी से नीचे उतर सकें।
16 वर्षीय कृष्णा कश्यप ने बताया कि चीखने की आवाज सुनकर पूरा मोहल्ला जाग गया। उनके पिता ने एक व्यक्ति को साड़ी से बालकनी से कूदते हुए पकड़ा। उन्होंने कहा कि इमारत में वेंटिलेशन नहीं है, जिससे धुआं अंदर फंस गया।
प्रभाव और चिंताएं
इस घटना ने पुरानी और नई इमारतों में वेंटिलेशन की कमी को उजागर किया है। स्थानीय निवासी पुष्पा देवी ने कहा कि उनकी इमारत भी ऐसी ही है और उन्हें डर है कि ऐसा हादसा उनके साथ भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले एक सीएनजी सिलेंडर गोदाम में आग लगी थी, लेकिन वहां कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि इमारत में वेंटिलेशन था।
पीड़ित और राहत कार्य
मृतकों में एक 22 वर्षीय युवक और दो महिलाएं शामिल हैं। दो गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का नेतृत्व किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुगलकाबाद आग में कितने लोगों की मौत हुई?
तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें एक 22 वर्षीय युवक और दो महिलाएं शामिल हैं।
आग कैसे लगी?
आग ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में लगी, जिससे धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया।
स्थानीय लोगों ने कैसे बचाव किया?
लोगों ने लकड़ी की सीढ़ी और साड़ी का उपयोग कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। एक महिला ने छत पर पानी की टंकी फोड़कर धुआं कम करने की कोशिश की।
क्या इमारत में वेंटिलेशन की कमी थी?
हां, स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत में वेंटिलेशन नहीं था, जिससे धुआं अंदर फंस गया और रेस्क्यू मुश्किल हो गया।
Source: www.hindustantimes.com