मुख्य तथ्य
दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में शुक्रवार तड़के हुई आगजनी एक दुर्घटना नहीं, बल्कि 50,000 रुपये के कर्ज को लेकर रची गई साजिश थी। पुलिस ने रविवार को यह खुलासा किया। आग का निशाना दीपक नाम का व्यक्ति था, जो उस समय घर पर नहीं था, जबकि इस घटना में तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई।
घटना का विवरण
आग शुक्रवार सुबह करीब 2:24 बजे पांच मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग एरिया में लगी। आरोपी किशोरी ने दीपक के स्कूटर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया, जिससे लोग फंस गए। सीढ़ियां ही नीचे आने का एकमात्र रास्ता था, जबकि छत का दरवाजा बंद था।
मृतक और घायल
मृतकों में 70 वर्षीय सुशीला देवी, उनके पोते पंकज पांडेय (28) और पोती सोनी (20) शामिल हैं। ये तीनों दीपक से संबंधित नहीं थे। घायलों में गुड्डी देवी (50), मणि (18) और दीपक की पत्नी मुमताज समेत तीन महिलाएं शामिल हैं। सभी को सफदरजंग अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
गिरफ्तारी और साजिश
पुलिस ने 27 वर्षीय सरिता, 33 वर्षीय निरंजन, 27 वर्षीय राजकुमार और एक 17 वर्षीय किशोरी को गिरफ्तार किया है। निरंजन और राजकुमार दीपक के चचेरे भाई हैं, जिनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, दीपक ने कुछ महीने पहले सरिता से 50,000 रुपये उधार लिए थे, जो उसने नहीं चुकाए। निरंजन, जो सरिता के संबंध में था, उस समय जेल में था और जमानत के लिए पैसे की जरूरत थी। उसने जेल से ही स्कूटर में आग लगाने की योजना बनाई। सरिता और राजकुमार ने 17 वर्षीय किशोरी को शामिल किया, जिसने आग लगाई।
जांच और सबूत
शुरुआत में आग को दुर्घटना माना गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में एक महिला को दुपट्टे से चेहरा ढके इमारत में प्रवेश करते और जल्दी बाहर निकलते देखा गया। इससे पुलिस को शक हुआ। किशोरी के पैर में जलने के निशान भी मिले। पुलिस ने मामले में साजिश, गैर-इरादतन हत्या, आगजनी और रात में घर में घुसने जैसी धाराएं जोड़ दी हैं।
क्या कहती है पुलिस?
डीसीपी (दक्षिण-पूर्व) हेमंत तिवारी ने कहा, "किशोरी को पकड़ लिया गया है और तीन वयस्कों को गिरफ्तार किया गया है।" पुलिस ने दीपक से भी पूछताछ की है। दीपक के परिवार का कहना है कि निरंजन और सरिता ने इसलिए आग लगाई क्योंकि दीपक ने निरंजन को सरिता से संपर्क तोड़ने को कहा था, लेकिन पुलिस कर्ज को मुख्य मकसद मान रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आगजनी की वजह क्या थी?
दीपक नाम के व्यक्ति पर 50,000 रुपये का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए साजिश रची गई और उसके स्कूटर में आग लगा दी गई।
आगजनी में कितने लोगों की मौत हुई?
इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई: 70 वर्षीय सुशीला देवी, उनके पोते पंकज पांडेय (28) और पोती सोनी (20)।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने 27 वर्षीय सरिता, 33 वर्षीय निरंजन, 27 वर्षीय राजकुमार और एक 17 वर्षीय किशोरी को गिरफ्तार किया है।