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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पर्यटन नगर डलहौजी में तिब्बती समुदाय ने 14वें दलाई लामा का 91वां जन्मदिन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत 6 जुलाई 2026 को हुई, जिसमें बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के लोग, स्थानीय नागरिक और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशा कुमारी उपस्थित रहीं।
- नगर परिषद डलहौजी की अध्यक्ष वंदना चड्ढा, उपाध्यक्ष रीना जरयाल, पार्षद तिलक कपूर, एसडीएम अनिल भारद्वाज, तहसीलदार रमेश चौहान और इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. (कैप्टन) जी.एस. ढिल्लों तथा सरदार परमजीत सिंह विशेष अतिथि रहे।
- कार्यक्रम की शुरुआत दलाई लामा के दीर्घायु और विश्व शांति की कामना के लिए विशेष प्रार्थना और पारंपरिक स्मोक पूजा से हुई।
- इसके बाद केक काटकर जन्मदिन मनाया गया।
- तिब्बती कलाकारों ने पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए, जबकि स्थानीय कलाकारों ने पहाड़ी वेशभूषा में मनमोहक पहाड़ी नृत्य कर हिमाचली संस्कृति की झलक पेश की।
- समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तिब्बती समुदाय के लोगों को सम्मानित किया गया।
गणमान्य व्यक्तियों के विचार
मुख्य अतिथि आशा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा, "दलाई लामा शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता के जीवंत प्रतीक हैं। उनका जीवन और संदेश पूरी दुनिया को प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारे का मार्ग दिखाता है।" नगर परिषद अध्यक्ष वंदना चड्ढा ने भी दलाई लामा के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।
समारोह का महत्व
यह आयोजन न केवल तिब्बती समुदाय के लिए बल्कि पूरे डलहौजी क्षेत्र के लिए एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बना। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दलाई लामा का 91वां जन्मदिन कहां मनाया गया?
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी में तिब्बती समुदाय द्वारा यह आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन थीं?
पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशा कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
समारोह में क्या-क्या गतिविधियां हुईं?
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और स्मोक पूजा से हुई, फिर केक काटा गया। तिब्बती और पहाड़ी सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
दलाई लामा के बारे में आशा कुमारी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि दलाई लामा शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता के जीवंत प्रतीक हैं, और उनका जीवन पूरी दुनिया को प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है।