मुख्य तथ्य
सोमवार, 6 जुलाई 2026 को केंद्रीय विद्यालय एनएचपीसी सैंज, जिला कुल्लू में एक ऑनलाइन साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपायों से अवगत कराना था।
कार्यशाला की विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर प्रकाश डाला। छात्रों को निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी गई:
- ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी वेबसाइटों की पहचान
- फर्जी लिंक और ईमेल से बचाव के तरीके
- मजबूत पासवर्ड बनाने और उन्हें सुरक्षित रखने का महत्व
- संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना अभिभावकों या शिक्षकों को देने की आवश्यकता
प्रधानाचार्य विनीता परशीरा ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की समझ छात्रों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने छात्रों को इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित किया।
प्रभाव और महत्व
इस कार्यशाला ने छात्रों को डिजिटल दुनिया में आने वाले खतरों से अवगत कराया और उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। ऐसी पहलें हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में साइबर जागरूकता बढ़ाने में सहायक हैं।
पाठकों के लिए सुझाव
सभी छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या संदेश को तुरंत रिपोर्ट करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साइबर सुरक्षा कार्यशाला कहाँ आयोजित की गई?
यह कार्यशाला केंद्रीय विद्यालय एनएचपीसी सैंज, जिला कुल्लू में आयोजित की गई।
कार्यशाला में छात्रों को क्या सिखाया गया?
छात्रों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी वेबसाइटों और लिंक की पहचान, मजबूत पासवर्ड के महत्व और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के तरीके बताए गए।
कार्यशाला का आयोजन किसने किया?
कार्यशाला का आयोजन विद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया, जिसमें प्रधानाचार्य विनीता परशीरा ने छात्रों को संबोधित किया।