मुख्य तथ्य
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने शुक्रवार को विजयवाड़ा के युवक गडे साई कृष्णा की हिरासत में संदिग्ध मौत की न्यायिक जांच की मांग की। पार्टी ने इसे मानवाधिकारों और पुलिस जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
विस्तार से
CPI(M) के राज्य सचिव वी. श्रीनिवास राव, राज्य सचिवालय सदस्य च. बाबू राव और राज्य समिति सदस्य दोनेपुड़ी काशीनाथ ने कृष्णालंका स्थित साई कृष्णा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त की और न्याय की लड़ाई में पार्टी के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्रीनिवास राव ने आरोप लगाया कि साई कृष्णा को पुलिस हिरासत में यातना दी गई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे युवक के ठिकाने के बारे में स्पष्टीकरण दें और मामले से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक करें।
“परिवार एक महीने से अधिक समय से जवाबों का इंतजार कर रहा है। यदि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था, तो अधिकारियों को उसके ठिकाने का हिसाब देना चाहिए और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।”
प्रभाव और मांग
CPI(M) नेता ने विभागीय जांच को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस कर्मियों द्वारा की गई जांच से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने सरकार से एक स्वतंत्र न्यायिक प्राधिकरण नियुक्त करने का आग्रह किया, जो व्यापक जांच कर सत्य का पता लगा सके।
च. बाबू राव ने इस मामले को हाल के वर्षों में पुलिस आचरण से जुड़ा सबसे गंभीर आरोप बताया, जबकि दोनेपुड़ी काशीनाथ ने कहा कि परिवार के दावों की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है।
इस अवसर पर CPI(M) नेता पी. कृष्णा और बोयी सत्यबाबू भी उपस्थित थे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह मामला हिरासत में मौतों और पुलिस जवाबदेही के मुद्दे को उजागर करता है। न्यायिक जांच की मांग पारदर्शिता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गडे साई कृष्णा की मौत का आरोप क्या है?
आरोप है कि विजयवाड़ा के युवक गडे साई कृष्णा की पुलिस हिरासत में यातना के कारण मौत हुई। परिवार ने एक महीने से अधिक समय से कोई जानकारी नहीं मिलने पर चिंता जताई है।
CPI(M) ने किस प्रकार की जांच की मांग की है?
CPI(M) ने विभागीय जांच के बजाय एक स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है, ताकि पारदर्शिता और जनता का विश्वास सुनिश्चित हो सके।
इस मामले में CPI(M) के नेताओं ने क्या कार्रवाई की?
CPI(M) के राज्य सचिव वी. श्रीनिवास राव, राज्य सचिवालय सदस्य च. बाबू राव और राज्य समिति सदस्य दोनेपुड़ी काशीनाथ ने परिवार से मुलाकात की और न्याय के लिए समर्थन का आश्वासन दिया।