Desh Duniya | कांग्रेस

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सरकार को आगाह किया

मुख्य तथ्य कांग्रेस ने मंगलवार (23 जून, 2026) को केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ किसी भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मौजूदा…

मुख्य तथ्य

कांग्रेस ने मंगलवार (23 जून, 2026) को केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ किसी भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मौजूदा प्रस्तावित समझौता भारत के हितों के खिलाफ है।

विवरण

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने की बजाय देश के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर की नई दिल्ली यात्रा के दौरान किसी समझौते पर दबाव न लेने की चेतावनी दी।

रमेश ने 6 फरवरी, 2026 को जारी भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य का हवाला दिया, जिसमें अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ कम करने का प्रस्ताव रखा था, जबकि भारत को अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर टैरिफ घटाने और अमेरिका से खरीद बढ़ाने की उम्मीद थी।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने राष्ट्रपति ट्रंप की पारस्परिक टैरिफ नीति को अवैध करार दिया, जिससे अमेरिका द्वारा वादा की गई टैरिफ रियायतें अनिश्चित हो गईं। बाद में अमेरिका ने भारत सहित व्यापारिक साझेदारों पर 10% अस्थायी टैरिफ लगा दिया।

प्रभाव

रमेश ने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत पर कथित अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच कर रहा है और इस जांच का उपयोग समझौते के लिए दबाव बनाने में कर रहा है। उन्होंने कहा, "ऐसा समझौता कोई सौदा नहीं, बल्कि अमेरिका द्वारा लूट है।"

उन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • कांग्रेस का मानना है कि यह समझौता भारत के हितों के खिलाफ है और सरकार को इसे स्वीकार नहीं करना चाहिए।
  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी टैरिफ रियायतें अनिश्चित हैं।
  • किसानों और घरेलू उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध क्यों किया?

कांग्रेस का कहना है कि यह समझौता भारत के हितों के खिलाफ है और किसानों तथा घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा सकता है।

जयराम रमेश ने सरकार को क्या सलाह दी?

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह अमेरिका के दबाव में आकर कोई समझौता न करे, जो भारत के लिए नुकसानदेह हो।

इस समझौते से किन राज्यों के किसान प्रभावित हो सकते हैं?

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के किसान प्रभावित हो सकते हैं।

स्रोत: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

Monsoon Pet Care: Essential Tips to Keep Your Furry Friends Safe and Healthy

Key Facts About Monsoon Pet Care The monsoon season brings relief from heat but also poses health risks for pets. Increased humidity…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

सऊदी अरब में वीज़ा ओवरस्टे पर sr50,000 जुर्माना: नए नियम लागू

मुख्य तथ्य सऊदी अरब ने वीज़ा ओवरस्टे (अनुमति से अधिक समय तक रुकने) पर भारी जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। नए…

मधुमक्खियों के सामाजिक ढांचे पर नया शोध: वैज्ञानिकों ने खोजा पदानुक्रम का राज

मधुमक्खियों का सामाजिक ढांचा: एक नई समझ मधुमक्खियाँ अपने जटिल सामाजिक ढांचे के लिए जानी जाती हैं, जिसमें रानी, श्रमिक और ड्रोन…

India: 215 Data Partners Track Users; Know Your Digital Privacy Rights

Key Facts In a significant revelation about digital privacy, it has come to light that up to 215 partners may be involved…