Uncategorized | C. Joseph Vijay

सीएम विजय का करूर दौरा: पीड़ितों को नौकरी, स्मारक का वादा और राजनीतिक हमला

मुख्यमंत्री विजय का करूर दौरा: पीड़ितों को राहत और राजनीतिक संदेश मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय शुक्रवार को करूर पहुंचे, जहां उन्होंने सितंबर 2025 की त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी के…

मुख्यमंत्री विजय का करूर दौरा: पीड़ितों को राहत और राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय शुक्रवार को करूर पहुंचे, जहां उन्होंने सितंबर 2025 की त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी के आदेश सौंपे और एक स्मारक बनाने का वादा किया। इस दौरान उन्होंने जो भाषण दिया, वह भावुकता, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और हास्य का मिश्रण था।

त्रासदी की याद और पुलिस पर सवाल

अपने भाषण की शुरुआत में विजय ने कहा, “इंसान चाहे कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, दिल में कुछ घाव कभी नहीं भरते। करूर की घटना मेरे लिए सबसे गहरा दर्द है।” उन्होंने त्रासदी से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेराम्बलूर पुलिस ने पहले भीड़ अधिक होने पर उन्हें जिले में न आने की सलाह दी थी, लेकिन करूर पुलिस ने ऐसा क्यों नहीं किया? “क्या करूर पुलिस हमें सचेत नहीं कर सकती थी? अगर वे चाहते तो मीटिंग रद्द कर सकते थे… उन्हें हमसे पूछने की भी जरूरत नहीं थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें हाईवे से सीधे वेन्यू तक एस्कॉर्ट किया और यह एक सुनियोजित साजिश थी। “मैंने उन पर पूरा भरोसा किया,” उन्होंने कहा।

भावुक पल और बच्चों की याद

भाषण का सबसे भावुक क्षण वह था जब विजय ने मारे गए बच्चों को याद किया। उन्होंने कहा, “वे छोटे बच्चे, जो अपनी मां से मुस्कुराकर कहते थे, ‘अम्मा, विजय मामा’… टीवी स्क्रीन पर दौड़कर उसे छूते और चूमते थे… हमने उन अनमोल बच्चों को खो दिया। मैंने अपनी बहनों, भाइयों, अपने परिवार को खो दिया… और आप मेरा मजाक उड़ाते हैं? मुझ पर दोष मढ़ते हैं?” इस पर दर्शकों ने तालियों से प्रतिक्रिया दी।

डीएमके पर हमला और भ्रष्टाचार का मुद्दा

विजय ने डीएमके पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में भ्रष्टाचार आम बात थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे खत्म कर दिया है। उन्होंने एक किस्सा सुनाया कि जब उन्होंने ‘पार्टी फंड’ का जिक्र किया, तो विपक्षी सदस्य भागने लगे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “मैंने सिर्फ ‘पार्टी फंड’ कहा, किसी पार्टी का नाम नहीं लिया… लेकिन वे सब दौड़ पड़े।” उन्होंने कहा कि अब सरकारी दफ्तरों में एक रुपया भी रिश्वत नहीं ली जाती और काम बिना किसी परेशानी के हो रहा है। “लोग राहत की सांस ले रहे हैं,” उन्होंने दावा किया।

थायमामन गोल्ड रिंग योजना और अन्य घोषणाएं

विजय ने अपनी सरकार की ‘थायमामन गोल्ड रिंग योजना’ का जिक्र करते हुए डीएमके पर तंज कसा कि वे ‘नकली मामा’ हैं, जबकि टीवीके ‘असली मामा’ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष उनसे बोलने की मांग करता है, लेकिन जब वे बोलते हैं तो विपक्ष भाग जाता है। उन्होंने मजाक में कहा कि अगली बार विधानसभा भाषण से पहले वे स्पीकर से सभी दरवाजे बंद करने का अनुरोध करेंगे।

स्मारक का वादा और उपचुनाव का आह्वान

भाषण के अंत में विजय ने घोषणा की कि टीवीके करूर में एक स्मारक बनाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां इस साजिश को याद रखें। उन्होंने कहा, “हमने वोटों के लिए पैसे देने की संस्कृति को खत्म कर दिया है। अगर हम चुनाव के दौरान ऐसा कर सकते हैं, तो अब हमें घोड़ा-व्यापार या ऊंट-व्यापार की क्या जरूरत है?” उन्होंने आगामी उपचुनाव में डीएमके को ‘स्थायी जवाब’ देने की अपील की।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री विजय का करूर दौरा न केवल पीड़ितों को राहत देने का मौका था, बल्कि उन्होंने इसे राजनीतिक मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया। उनके भाषण में दुख, गुस्सा, व्यंग्य और हास्य का मिश्रण था, जो उनकी चुनावी शैली की याद दिलाता है। करूर उपचुनाव से पहले यह भाषण टीवीके के लिए एक मजबूत संदेश है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

करूर त्रासदी क्या है?

सितंबर 2025 में करूर में एक चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।

सीएम विजय ने करूर में क्या ऐलान किया?

उन्होंने पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी के आदेश दिए और त्रासदी की याद में एक स्मारक बनाने की घोषणा की।

सीएम विजय ने भाषण में किन मुद्दों को उठाया?

उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए, डीएमके पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और अपनी सरकार में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा किया।

Follow us on Google News

Explore more

अयोध्या राम मंदिर घोटाला: बीजेपी के लिए 2029 तक का सियासी संकट

राम मंदिर घोटाला: बीजेपी के लिए बड़ा सियासी संकट अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित गबन के मामले ने बीजेपी…

More on Uncategorized from Himachal Pradesh

Diljit Dosanjh की फिल्म ‘Satluj’ ने पंजाब की सियासत में हिलाकर रख दी, 2027 चुनावों से पहले नई बहस छिड़ी

पंजाब की सियासत में नया विवाद: Satluj फिल्म दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘Satluj’ ने पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है।…

Satluj Film Controversy: SAD to Screen Movie Across Punjab, AAP Hits Back

Key Facts The Shiromani Akali Dal (SAD) has announced statewide screenings of the film ‘Satluj’ after its removal from the OTT platform…

पंजाब कांग्रेस में अंतरकलह: बाजवा ने एकजुटता और 2027 चुनावों पर दिया जोर

पंजाब कांग्रेस में अंतरकलह: बाजवा ने एकजुटता और 2027 चुनावों पर दिया जोर पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच कांग्रेस…