मुख्य तथ्य
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को वेल्लोर और रानीपेट जिलों में दो उप स्वास्थ्य केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया। ये केंद्र क्रमशः कम्मासमुदिरम और पेरुमलराज पेट्टई गांवों में स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निर्माणाधीन अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिनमें पेंटिंग और विद्युत उपकरणों का परीक्षण शामिल है।
विस्तृत जानकारी
वेल्लोर की जिला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स और रानीपेट की कलेक्टर एन. प्रिया ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ नई सुविधाओं का निरीक्षण किया। रानीपेट के उप निदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) के. सेंथिल कुमार ने कहा, 'नए उप स्वास्थ्य केंद्र दूरदराज के गांवों और आदिवासी बस्तियों के निवासियों को बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करेंगे। इन केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की निगरानी की जाएगी।'
स्थानीय निवासी के. पारी ने बताया कि जवाड़ू पहाड़ियों की तलहटी में बसे कम्मासमुदिरम गांव के बुजुर्गों और महिलाओं को इलाज के लिए वेल्लोर शहर के सरकारी अस्पताल तक पहुंचने के लिए पथरीले रास्तों पर 8-10 किमी पैदल चलना पड़ता था। नए स्वास्थ्य केंद्र से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
सुविधाएं और प्रभाव
प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में दो बिस्तरों वाला इनडोर वार्ड, ओपीडी ब्लॉक, विलेज हेल्थ नर्स के लिए अलग केबिन, कॉमन विजिटर्स हॉल, प्रयोगशाला और पर्याप्त दवाओं वाली फार्मेसी होगी। एम्बुलेंस और अन्य वाहनों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र का निर्माण 15वें वित्त आयोग के तहत लगभग ₹45 लाख की लागत से किया गया है। इन केंद्रों के लिए जमीन स्थानीय निवासियों ने दान में दी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ये उप स्वास्थ्य केंद्र गर्भवती महिलाओं, बच्चों, टीकाकरण कार्यक्रमों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। विलेज हेल्थ नर्सों को बुखार और सर्दी जैसी छोटी बीमारियों के इलाज के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ये केंद्र रविवार को छोड़कर सभी दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले रहेंगे।
नियमों के अनुसार, किसी गांव समूह में नया उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए कम से कम 5,000 निवासी होने चाहिए और यह कम से कम 5 किमी के दायरे में आबादी को कवर करना चाहिए। वर्तमान में रानीपेट में 197 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, जबकि वेल्लोर में 300 से अधिक हैं।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
ये नए स्वास्थ्य केंद्र दूरदराज के गांवों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच में सुधार करेंगे, खासकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए। स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नए उप स्वास्थ्य केंद्र कहाँ स्थापित किए गए हैं?
ये केंद्र वेल्लोर जिले के कम्मासमुदिरम और रानीपेट जिले के पेरुमलराज पेट्टई गांवों में स्थापित किए गए हैं।
इन स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण पर कितनी लागत आई?
प्रत्येक केंद्र का निर्माण 15वें वित्त आयोग के तहत लगभग ₹45 लाख की लागत से किया गया है।
इन केंद्रों में क्या सुविधाएं उपलब्ध होंगी?
प्रत्येक केंद्र में दो बिस्तरों वाला इनडोर वार्ड, ओपीडी ब्लॉक, विलेज हेल्थ नर्स के लिए अलग केबिन, प्रयोगशाला, फार्मेसी और पार्किंग की सुविधा होगी।