चिंतपूर्णी मंदिर में जेबकतरों का आतंक
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध चिंतपूर्णी मंदिर में हाल के दिनों में जेबकतरों की सक्रियता बढ़ गई है। श्रद्धालुओं से उनके पर्स, मोबाइल और अन्य कीमती सामान चोरी होने की कई शिकायतें मिली हैं। मंदिर प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।
कैसे हो रही हैं घटनाएं?
जेबकतरे भीड़ का फायदा उठाकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। दर्शन लाइनों, प्रसाद काउंटर और मंदिर परिसर के अन्य व्यस्त स्थानों पर ये वारदातें हो रही हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि चोर बहुत ही चालाकी से काम करते हैं और पीड़ित को पता भी नहीं चलता।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी तेज कर दी गई है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे जेबकतरों की पहचान के लिए फुटेज खंगाल रहे हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने कीमती सामान को संभाल कर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
श्रद्धालुओं के लिए सुझाव
- भीड़ में जेब या बैग को हमेशा सामने रखें।
- कीमती सामान जैसे मोबाइल, पर्स को सुरक्षित रखें।
- अजनबियों से सावधान रहें और धक्का-मुक्की से बचें।
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना मंदिर सुरक्षाकर्मियों या पुलिस को दें।
पर्यटन पर प्रभाव
चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। जेबकतरों की सक्रियता से श्रद्धालुओं में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है, जिससे पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
FAQ
चिंतपूर्णी मंदिर में जेबकतरे कैसे काम करते हैं?
जेबकतरे भीड़ में धक्का-मुक्की करते हुए श्रद्धालुओं के पर्स, मोबाइल और अन्य कीमती सामान चुरा लेते हैं। वे अक्सर दर्शन लाइन या प्रसाद काउंटर पर सक्रिय रहते हैं।
मंदिर प्रशासन ने क्या सुरक्षा उपाय किए हैं?
मंदिर प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और पुलिस बल तैनात किया है। श्रद्धालुओं को अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करने की सलाह दी गई है।
क्या पुलिस ने कोई गिरफ्तारी की है?
अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस जेबकतरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।