प्रदर्शन का मुख्य कारण
गुरुवार को रिपन बिल्डिंग्स परिसर में स्वास्थ्य कर्मियों और यूनियन सदस्यों ने ऐप-आधारित उपस्थिति प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। नर्सों के अनुसार, इस प्रणाली के कारण मामूली देरी पर भी वेतन कटौती हो रही है।
यूनियन की शिकायत और मांगें
AITUC फेडरेशन ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) आयुक्त जी.एस. समीरन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि 15 जोनों में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को केवल 10 दिनों का वेतन मिला। यूनियन ने बकाया वेतन का तत्काल भुगतान और ऐप के साथ मैनुअल उपस्थिति रजिस्टर बनाए रखने की मांग की।
डॉक्टरों की मांगें
डॉक्टर्स एसोसिएशन फॉर सोशल इक्वेलिटी की सचिव ए.आर. शांति ने निगम से सॉफ्टवेयर गड़बड़ियों को ठीक करने का आग्रह किया, क्योंकि ऐप विभिन्न शिफ्ट समयों को ध्यान में नहीं रखता। उन्होंने आठ घंटे की कार्य शिफ्ट, प्रतिपूरक अवकाश और सवेतन मातृत्व अवकाश की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों की ओर से मांगें और आयुक्त का आश्वासन
प्रदर्शनकारियों की ओर से एन. ब्यूला जॉन सेल्वराज ने GCC आयुक्त को मांगें सौंपीं। आयुक्त ने आश्वासन दिया कि बकाया वेतन, जिसमें 5 जून को देय पांच दिनों का वेतन भी शामिल है, जल्द जमा कर दिया जाएगा।
वेतन भुगतान की स्थिति
एक नर्स श्रीदेवी ने शनिवार को बताया कि विभाग के लगभग 1,700 कर्मचारियों में से कुछ को भुगतान मिल गया है, जबकि अन्य को सोमवार तक मिलने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या था?
स्वास्थ्य कर्मियों ने ऐप-आधारित उपस्थिति प्रणाली के कारण होने वाली वेतन कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या थीं?
उन्होंने बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, मैनुअल उपस्थिति रजिस्टर बहाल करने, आठ घंटे की शिफ्ट, प्रतिपूरक अवकाश और सवेतन मातृत्व अवकाश की मांग की।
निगम आयुक्त ने क्या आश्वासन दिया?
आयुक्त ने आश्वासन दिया कि बकाया वेतन, जिसमें पांच दिनों का वेतन शामिल है, जल्द जमा कर दिया जाएगा।
स्रोत: www.thehindu.com