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मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता: Character AI प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए हो सकता है खतरनाक

मुख्य तथ्य बेंगलुरु में आयोजित ‘द हिंदू हडल’ कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने Character AI प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि ये इमर्सिव चैटबॉट मनोरंजन, साथ और मनोवैज्ञानिक…

मुख्य तथ्य

बेंगलुरु में आयोजित 'द हिंदू हडल' कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने Character AI प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि ये इमर्सिव चैटबॉट मनोरंजन, साथ और मनोवैज्ञानिक निर्भरता के बीच की रेखा को धुंधला कर सकते हैं।

विस्तार से जानकारी

NIMHANS की निदेशक प्रभा एस. चंद्रा ने कहा कि Character AI पारंपरिक जनरेटिव AI से अलग है क्योंकि इसमें उपयोगकर्ता ऐतिहासिक शख्सियतों, मशहूर हस्तियों या काल्पनिक पात्रों के साथ बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "एक मानक चैटबॉट के विपरीत, Character AI उपयोगकर्ताओं को अत्यधिक व्यक्तिगत संबंध और कथाएं बनाने की अनुमति देता है। यह गहराई से इमर्सिव हो सकता है क्योंकि उपयोगकर्ता केवल सामग्री का उपभोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि सक्रिय रूप से कहानी में भाग ले रहे हैं और इसे आकार दे रहे हैं।"

डॉ. चंद्रा ने कहा कि कई युवा उपयोगकर्ता ऐसे प्लेटफॉर्म को आकर्षक और मनोरंजक पाते हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव में वे विशेष रूप से कमजोर हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "बातचीत तेजी से तीव्र हो सकती है क्योंकि उपयोगकर्ता अधिक उत्तेजना और भावनात्मक जुड़ाव चाहते हैं। किशोरों और बच्चों के लिए, यह निर्भरता, भावनात्मक नियमन और वास्तविकता परीक्षण के बारे में महत्वपूर्ण चिंताएं पैदा करता है।"

अध्ययनों का हवाला देते हुए, डॉ. चंद्रा ने कहा कि अकेलापन, सामाजिक अलगाव या सामाजिक चिंता का अनुभव करने वाले व्यक्ति ऐसे प्लेटफॉर्म का सबसे अधिक उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग अकेले हैं, वे अक्सर आराम के लिए इन उपकरणों का उपयोग करते हैं, और यह कभी-कभी सहायक हो सकता है। हालांकि, जो पहले से ही सामाजिक रूप से परहेज कर रहे हैं, वे वास्तविक दुनिया की बातचीत से और भी दूर हो सकते हैं।"

प्रभाव और सुझाव

मनोचिकित्सक और अमाहा के संस्थापक अमित मलिक ने कहा कि AI सिस्टम जानकारी और मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों तक पहुंच में सुधार करने में रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं, खासकर उस देश में जहां उपचार में बड़ा अंतर है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि उपयोगकर्ताओं को ऐसे उपकरणों की सीमाओं के बारे में जागरूक रहना चाहिए।

डॉ. मलिक ने कहा, "चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि AI एक उपकरण बना रहे, न कि मानवीय संबंधों, पेशेवर देखभाल या स्वतंत्र सोच का विकल्प बने।" उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों की ओर इशारा किया जहां AI साथियों के साथ लंबे समय तक जुड़ाव भावनात्मक संकट और हानिकारक परिणामों से जुड़ा है, जिसके लिए मजबूत निगरानी और आयु-उपयुक्त सुरक्षा की आवश्यकता है।

दोनों विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि AI प्रौद्योगिकियां दैनिक जीवन में तेजी से एकीकृत होने की संभावना है, लेकिन जोखिम को कम करने के लिए मानवीय निगरानी, मजबूत नियम और अधिक डिजिटल साक्षरता आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि माता-पिता को इस बात में सक्रिय रुचि लेनी चाहिए कि बच्चे और किशोर AI प्लेटफॉर्म का उपयोग कैसे करते हैं और ऑनलाइन अनुभवों पर खुलकर चर्चा करें।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि ऐसे उपकरणों पर अत्यधिक निर्भरता मानसिक भलाई और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली दोनों पर अनपेक्षित परिणाम डाल सकती है। यह 'संज्ञानात्मक आलस्य' में योगदान कर सकता है - स्वतंत्र सोच और समस्या-समाधान में संलग्न होने की कम इच्छा - और 'भावनात्मक आलस्य', जहां व्यक्ति रिश्तों और जीवन के अनुभव के माध्यम से मुकाबला कौशल विकसित करने के बजाय AI सिस्टम से आश्वासन और भावनात्मक नियमन चाहते हैं।

Tele-MANAS: एक सफल मॉडल

डॉ. चंद्रा ने कहा कि Tele-MANAS (14416) भारत में एक महत्वपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सहायता मंच के रूप में उभरा है। भारत सरकार और NIMHANS द्वारा समर्थित यह मुफ्त, चौबीसों घंटे हेल्पलाइन 20 भाषाओं में उपलब्ध है और पहले ही लगभग तीन मिलियन कॉल का जवाब दे चुकी है, जो सुलभ मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती आवश्यकता को उजागर करता है।

उन्होंने बताया कि Tele-MANAS कॉल करने वालों को काउंसलर से जुड़ने से पहले सहायता देने के लिए चैटबॉट तकनीक भी शामिल कर रहा है। चैटबॉट नींद की कठिनाइयों या भावनात्मक संकट जैसी प्रमुख चिंताओं की पहचान करने में मदद करता है और इस जानकारी को डैशबोर्ड के माध्यम से काउंसलर के साथ साझा करता है, जिससे वे पहले से तैयारी कर सकते हैं और परामर्श समय का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकते हैं। यह दर्शाता है कि कैसे तकनीक मानव मानसिक स्वास्थ्य सहायता को पूरक कर सकती है, न कि बदल सकती है।

FAQ

Character AI क्या है और यह अन्य चैटबॉट से कैसे अलग है?

Character AI एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो उपयोगकर्ताओं को ऐतिहासिक शख्सियतों, मशहूर हस्तियों या काल्पनिक पात्रों के साथ बातचीत करने की सुविधा देता है। यह पारंपरिक चैटबॉट से अलग है क्योंकि इसमें उपयोगकर्ता खुद कहानी को आकार देते हैं, जिससे यह अधिक इमर्सिव हो जाता है।

क्या Character AI युवाओं के लिए हानिकारक हो सकता है?

हां, विशेषज्ञों के अनुसार, इसके अत्यधिक उपयोग से भावनात्मक निर्भरता, सामाजिक अलगाव और 'संज्ञानात्मक आलस्य' हो सकता है। यह विशेष रूप से किशोरों और बच्चों के लिए चिंताजनक है।

Tele-MANAS क्या है और यह कैसे मदद करता है?

Tele-MANAS भारत सरकार और NIMHANS द्वारा संचालित एक 24x7 मुफ्त हेल्पलाइन (14416) है, जो 20 भाषाओं में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करता है। अब तक इसने लगभग 30 लाख कॉल का जवाब दिया है।

स्रोत: www.thehindu.com

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