मुख्यमंत्री ने किया थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन का उद्घाटन
शिमला, 11 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना, शिमला में थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम मेयर सुरेंद्र चौहान और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अत्याधुनिक तकनीक से बेहतर निदान और उपचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक मशीन रोगों की सटीक पहचान और प्रभावी उपचार में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि जब उन्नत चिकित्सा तकनीक जनसेवा से जुड़ती है, तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक विश्वास मिलता है।
पांच अस्पतालों में जल्द शुरू होंगी ऑटोमेशन लैब
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन महीनों में चमियाना, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मंडी, टांडा मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर में ऑटोमेशन लैब शुरू की जाएंगी। इन लैबों पर कुल 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें सभी प्रकार के टेस्ट सटीकता और तेजी से होंगे।
रोबोटिक सर्जरी में सब्सिडी का लाभ
चमियाना अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी मात्र 50,000 रुपये में उपलब्ध है। सरकार इस पर 65,000 रुपये की सब्सिडी दे रही है। अन्य मरीजों के लिए यह सुविधा 1.15 लाख रुपये में मिलती है, जबकि निजी अस्पतालों में इसकी लागत पांच लाख रुपये तक होती है।
एआई-सक्षम एमआरआई मशीनें लगाई गईं
मुख्यमंत्री ने बताया कि चमियाना, आईजीएमसी, टांडा, हमीरपुर और मंडी में एआई-इनेबल्ड थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई गई हैं। नेरचौक में भी जल्द ही यह मशीन शुरू होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चमियाना अस्पताल में कौन सी नई मशीन लगाई गई है?
चमियाना अस्पताल में थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन लगाई गई है, जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस है।
रोबोटिक सर्जरी की लागत कितनी है?
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए 50,000 रुपये में रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध है, जबकि अन्य मरीजों के लिए 1.15 लाख रुपये है। सरकार 65,000 रुपये की सब्सिडी देती है।
ऑटोमेशन लैब कहाँ-कहाँ शुरू होंगी?
चमियाना, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मंडी, टांडा मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर में ऑटोमेशन लैब शुरू होंगी।
ऑटोमेशन लैब पर कितना खर्च होगा?
पांचों अस्पतालों में ऑटोमेशन लैब स्थापित करने पर 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे।