चंबा में सड़क के गड्ढों ने बढ़ाई मुश्किलें
हिमाचल प्रदेश के चंबा शहर में सड़कों की बदहाली एक गंभीर समस्या बन गई है। पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में नगर परिषद की लापरवाही के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिन्हें भरने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। मजबूर दुकानदारों ने इन गड्ढों को बोरियों से ढक दिया है ताकि राहगीरों को दुर्घटना से बचाया जा सके।
दुकानदारों की मजबूरी
स्थानीय दुकानदार जयराम कपूर ने बताया, 'अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में हालत और भी दयनीय हो जाएगी।' उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। दुकानदारों ने बार-बार नगर परिषद से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव
राकेश पठानिया नामक एक अन्य दुकानदार ने कहा, 'बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और लोगों पर सड़क की बदहाल स्थिति का गलत प्रभाव पड़ रहा है।' चंबा एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला आयोजित होने वाला है। दुकानदारों का मानना है कि मेले से पहले सड़कों की मरम्मत करना आवश्यक है।
नगर परिषद की प्रतिक्रिया
नगर परिषद अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है और हाउस की बैठक में सड़कों की दशा सुधारने संबंधी निर्णय लेकर कार्य शुरू करवाए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय निवासियों को इस बयान पर भरोसा नहीं है, क्योंकि पहले भी कई बार आश्वासन दिए जा चुके हैं।
नागरिकों की मांग
अशोक कुमार ने कहा, 'शहर के प्रवेश करने की मुख्य सड़क समेत गलियों की सड़कों की हालत काफी दयनीय बनी हुई है।' उन्होंने नगर परिषद से तत्काल कार्रवाई की मांग की। योगेश चोपड़ा ने कहा कि नगर परिषद को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले से पूर्व शहर की मुख्य सड़क की दशा सुधारने के प्रयास करने चाहिए।
निष्कर्ष
चंबा में सड़क के गड्ढों का मामला नगर परिषद की निष्क्रियता को उजागर करता है। दुकानदारों द्वारा बोरियां बिछाना प्रशासन की विफलता का प्रतीक है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात में हालात और खराब हो सकते हैं और पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- चंबा के पुराने बस स्टैंड पर सड़क के गड्ढे क्यों नहीं भरे गए? नगर परिषद चंबा ने बार-बार शिकायत के बावजूद गड्ढे नहीं भरे, जिससे दुकानदारों ने अस्थायी तौर पर बोरियां बिछा दीं।
- दुकानदारों ने गड्ढों को बोरियों से क्यों ढका? बारिश में पानी भरने से गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। दुकानदारों ने राहगीरों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया।
- नगर परिषद की अध्यक्ष ने इस मामले में क्या कहा? नगर परिषद अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है और हाउस की बैठक में सड़क सुधार का निर्णय लिया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का इस समस्या से क्या संबंध है? दुकानदारों का कहना है कि मिंजर मेले से पहले सड़क की स्थिति सुधारी जानी चाहिए ताकि पर्यटकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।